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“MI और पुणे पुलिस की जांच: फर्जी भर्ती रैकेट से NDA स्टाफ की आत्महत्या का लिंक, रक्षा मंत्रालय का सिविलियन कर्मचारी गिरफ्तार”

Crime  •  👁 11 views  •  29 Jan 2026
“MI और पुणे पुलिस की जांच: फर्जी भर्ती रैकेट से NDA स्टाफ की आत्महत्या का लिंक, रक्षा मंत्रालय का सिविलियन कर्मचारी गिरफ्तार”
मिलिट्री इंटेलिजेंस (MI) और पुणे पुलिस एक बड़े फर्जी भर्ती रैकेट की जांच कर रही हैं, जिसका कथित संबंध राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) के एक स्टाफ सदस्य की आत्महत्या से जोड़ा जा रहा है। इस मामले में रक्षा मंत्रालय (MoD) के एक सिविलियन कर्मचारी को गिरफ्तार किया गया है, जिससे पूरे प्रकरण ने गंभीर सुरक्षा और प्रशासनिक चिंताएँ खड़ी कर दी हैं।
जांच एजेंसियों के अनुसार, यह फर्जी भर्ती रैकेट युवाओं को सेना या रक्षा प्रतिष्ठानों में नौकरी दिलाने का झांसा देकर उनसे मोटी रकम वसूलता था। प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि NDA से जुड़े स्टाफ सदस्य पर इस रैकेट के लोगों द्वारा मानसिक दबाव और ब्लैकमेलिंग की जा रही थी, जिसके चलते उसने आत्महत्या जैसा कठोर कदम उठाया। हालांकि, जांच एजेंसियों ने अभी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचने से इनकार किया है।
गिरफ्तार किया गया सिविलियन कर्मचारी रक्षा मंत्रालय से जुड़ा हुआ था और उस पर आरोप है कि वह अपने आधिकारिक संपर्कों और पहचान का इस्तेमाल कर इस गिरोह को विश्वसनीयता प्रदान कर रहा था। पुलिस को संदेह है कि उसके माध्यम से फर्जी नियुक्ति पत्र, मेडिकल प्रक्रिया और चयन से जुड़े झूठे दस्तावेज तैयार किए जाते थे।
MI इस मामले में इसलिए शामिल हुई है क्योंकि रैकेट का दायरा सैन्य प्रतिष्ठानों और संवेदनशील सूचनाओं तक फैल सकता है। एजेंसियाँ यह भी जांच कर रही हैं कि क्या इस नेटवर्क में और सरकारी या निजी व्यक्ति शामिल हैं और कितने युवाओं को अब तक ठगा गया है।
पुणे पुलिस ने मामले में आत्महत्या के लिए उकसाने, धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और जालसाजी जैसी धाराओं में केस दर्ज किया है। मृतक के परिवार के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं ताकि यह स्पष्ट हो सके कि उसे किस तरह का दबाव झेलना पड़ा था।
यह मामला न केवल एक आपराधिक रैकेट का खुलासा करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि फर्जी भर्तियों के नाम पर चलने वाले गिरोह किस तरह युवाओं की उम्मीदों और सरकारी संस्थानों की साख को नुकसान पहुंचा रहे हैं। जांच एजेंसियों का कहना है कि आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां संभव हैं।