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तेलंगाना के तीन युवा जो कुत्तों की हत्याओं को दस्तावेज़ कर रहे हैं – एक गांव में एक गांव

Crime  •  👁 5 views  •  29 Jan 2026
तेलंगाना के तीन युवा जो कुत्तों की हत्याओं को दस्तावेज़ कर रहे हैं – एक गांव में एक गांव
तेलंगाना। राज्य के तीन युवा सोशल एक्टिविस्ट्स और पशु प्रेमियों ने एक अनूठा और संवेदनशील मिशन शुरू किया है – ग्रामीण इलाकों में हो रही कुत्तों की हत्याओं और क्रूरता की घटनाओं को दस्तावेज़ करना। उनका लक्ष्य है कि इस मुद्दे को समाज और प्रशासन के सामने लाकर पशु अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
तीनों युवाओं ने बताया कि कई गांवों में सड़क पर, खेतों में या स्थानीय समुदाय द्वारा कुत्तों पर अत्याचार किए जा रहे हैं, जिन्हें अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है। ये युवा हर घटना का फोटो, वीडियो और विस्तृत रिपोर्ट तैयार करते हैं, ताकि यह प्रमाणिक और प्रभावी ढंग से संबंधित अधिकारियों और पशु कल्याण संगठनों तक पहुँच सके।
उनका कहना है कि ग्रामीण इलाकों में पशु क्रूरता के मामलों की जानकारी का अभाव है और इससे जिम्मेदार अधिकारियों तक सही समय पर सूचना नहीं पहुँच पाती। इस पहल के माध्यम से वे स्थानीय समुदाय को भी जागरूक करने का प्रयास कर रहे हैं। वे पशुओं के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाने और हिंसा रोकने के लिए ग्रामीण लोगों से संवाद कर रहे हैं।
इन युवा एक्टिविस्ट्स का यह भी मानना है कि समाज में पशु अधिकारों और संरक्षण के प्रति चेतना बढ़ाने से केवल कुत्तों को ही नहीं, बल्कि अन्य पालतू और जंगली जानवरों को भी सुरक्षा मिलेगी। उनका यह मिशन सोशल मीडिया और स्थानीय पत्रकारिता के माध्यम से भी लोगों तक पहुंचाया जा रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की grassroots पहल समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में अहम भूमिका निभा सकती है। यह न केवल पशुओं के लिए सुरक्षा सुनिश्चित करेगी, बल्कि समुदाय में मानव-पशु सह-अस्तित्व की भावना को भी मजबूत करेगी।
कुल मिलाकर, तेलंगाना के ये तीन युवा हर गांव में कुत्तों की सुरक्षा और अधिकारों के लिए जागरूकता फैला रहे हैं। उनका यह प्रयास समाज और प्रशासन दोनों के लिए एक प्रेरक उदाहरण बन गया है, जो पशु कल्याण के क्षेत्र में बदलाव लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।