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1.15 करोड़ रुपये के साइबर फ्रॉड केस में आरोपी को बेल से इनकार, पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने साइबर अपराधियों को बताया बढ़ता खतरा

Crime  •  👁 6 views  •  29 Jan 2026
1.15 करोड़ रुपये के साइबर फ्रॉड केस में आरोपी को बेल से इनकार, पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने साइबर अपराधियों को बताया बढ़ता खतरा
पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने 1.15 करोड़ रुपये के बड़े साइबर फ्रॉड मामले में आरोपी को राहत देने से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि साइबर अपराध आज समाज के लिए “बढ़ता हुआ गंभीर खतरा” बन चुके हैं और ऐसे मामलों में नरमी बरतना गलत संदेश दे सकता है।
यह मामला एक संगठित साइबर धोखाधड़ी गिरोह से जुड़ा है, जिसमें पीड़ितों को ऑनलाइन ठगी के जरिए 1.15 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। आरोपी ने बेल की मांग करते हुए दलील दी कि जांच में सहयोग किया गया है और लंबे समय तक हिरासत में रखना अनुचित है। हालांकि, कोर्ट ने इन दलीलों को खारिज कर दिया।
हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि साइबर क्राइम पारंपरिक अपराधों से कहीं अधिक खतरनाक हैं, क्योंकि इनमें तकनीक का दुरुपयोग कर आम लोगों को बड़े पैमाने पर आर्थिक नुकसान पहुंचाया जाता है। अदालत ने यह भी कहा कि ऐसे अपराधों की जांच जटिल होती है और आरोपी को जमानत देने से सबूतों से छेड़छाड़ या अपराध के नेटवर्क को फिर से सक्रिय करने का खतरा बना रहता है।
कोर्ट ने टिप्पणी की कि आज के डिजिटल युग में साइबर अपराधी नई-नई तकनीकों का इस्तेमाल कर कानून को चुनौती दे रहे हैं। ऐसे में न्यायपालिका की जिम्मेदारी है कि वह समाज के हित और पीड़ितों की सुरक्षा को प्राथमिकता दे।
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, यह फैसला भविष्य में साइबर फ्रॉड से जुड़े मामलों में एक अहम नजीर साबित हो सकता है। इससे यह संदेश भी जाता है कि बड़े साइबर अपराधों में आरोपियों को आसानी से जमानत नहीं मिलेगी।
हाल के वर्षों में देशभर में ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, फिशिंग और डिजिटल पेमेंट फ्रॉड के मामले तेजी से बढ़े हैं। हाईकोर्ट का यह सख्त रुख साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।