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कन्नड़ के जाने-माने रोल्या पर अपने ही घर में हिट करने पर बैन, केरल हाईकोर्ट ने आज़ादी बनाम सुरक्षा पर अहम टिप्पणी की

Crime  •  👁 9 views  •  29 Jan 2026
कन्नड़ के जाने-माने रोल्या पर अपने ही घर में हिट करने पर बैन, केरल हाईकोर्ट ने आज़ादी बनाम सुरक्षा पर अहम टिप्पणी की
कन्नड़ फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े एक जाने-माने रोल्या (रोल मॉडल/रोल्या) को अपने ही घर के भीतर हिंसक गतिविधि से जुड़े मामले में बैन किए जाने की खबर ने देशभर में बहस छेड़ दी है। इस मामले से जुड़े “केरल हिंग” में केरल हाईकोर्ट ने व्यक्तिगत आज़ादी और सामाजिक सुरक्षा के बीच संतुलन को लेकर महत्वपूर्ण टिप्पणी की है।
कोर्ट ने कहा कि किसी भी व्यक्ति की व्यक्तिगत स्वतंत्रता पूर्ण नहीं हो सकती, खासकर तब जब उसका व्यवहार दूसरों की सुरक्षा और शांति को प्रभावित करता हो। अदालत के अनुसार, घर के भीतर होने वाली हिंसा भी सार्वजनिक हित का विषय है और इसे “निजी मामला” कहकर नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता।
इस केस में कोर्ट ने स्पष्ट किया कि कानून का उद्देश्य केवल सज़ा देना नहीं, बल्कि समाज में सुरक्षा और जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करना भी है। अदालत ने “लिबर्टी बनाम सिक्योरिटी” की अवधारणा को नए सिरे से परिभाषित करते हुए कहा कि स्वतंत्रता का अधिकार तभी तक मान्य है, जब तक वह दूसरों के अधिकारों का उल्लंघन न करे।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला भविष्य में घरेलू हिंसा और सेलिब्रिटी जवाबदेही से जुड़े मामलों में एक मिसाल बन सकता है। अक्सर प्रसिद्ध लोगों के मामलों में कानून के अलग मानक अपनाने के आरोप लगते रहे हैं, लेकिन इस फैसले से यह संदेश गया है कि कानून सभी के लिए समान है।
सोशल मीडिया पर इस फैसले को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ लोग इसे व्यक्तिगत स्वतंत्रता पर रोक मान रहे हैं, जबकि कई इसे समाज की सुरक्षा के लिए ज़रूरी कदम बता रहे हैं।
कुल मिलाकर, केरल हाईकोर्ट का यह कदम भारतीय न्याय व्यवस्था में आज़ादी और सुरक्षा के बीच संतुलन को लेकर एक नई दिशा तय करता है।