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शेखपुरा में पॉक्सो कांड का त्वरित न्याय, दो आरोपियों को 10 वर्ष कारावास व जुर्माने की सजा

Crime  •  👁 14 views  •  29 Jan 2026
शेखपुरा में पॉक्सो कांड का त्वरित न्याय, दो आरोपियों को 10 वर्ष कारावास व जुर्माने की सजा
शेखपुरा। दिनांक 28.01.26 को शेखपुरा जिलांतर्गत माननीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-VI (विशेष न्यायालय, पॉक्सो) द्वारा एक गंभीर पॉक्सो मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाया गया। न्यायालय ने दोनों आरोपियों को दोषी पाते हुए 10-10 वर्ष के सश्रम कारावास तथा प्रत्येक पर 5,000 रुपये का जुर्माना लगाया। इस निर्णय से पीड़ित को न्याय मिला है और समाज में कड़ा संदेश गया है कि बच्चों के विरुद्ध अपराध किसी भी स्थिति में सहन नहीं किए जाएंगे।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, संबंधित पॉक्सो कांड में अभियोजन पक्ष द्वारा सशक्त साक्ष्य एवं गवाह प्रस्तुत किए गए। मामले की सुनवाई के दौरान न्यायालय ने सभी तथ्यों, साक्ष्यों और परिस्थितियों का गहन परीक्षण किया। अभियोजन द्वारा प्रस्तुत मेडिकल रिपोर्ट, बयान और अन्य प्रमाणों के आधार पर न्यायालय इस निष्कर्ष पर पहुंचा कि दोनों आरोपी अपराध के लिए जिम्मेदार हैं।
विशेष पॉक्सो न्यायालय ने अपने निर्णय में यह स्पष्ट किया कि नाबालिगों के विरुद्ध किए गए अपराध न केवल कानूनन बल्कि सामाजिक दृष्टि से भी अत्यंत गंभीर हैं। ऐसे मामलों में कठोर दंड देना आवश्यक है, ताकि अपराधियों में भय पैदा हो और भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। न्यायालय ने यह भी कहा कि पीड़ित के सम्मान, सुरक्षा और न्याय की रक्षा करना न्याय प्रणाली की सर्वोच्च जिम्मेदारी है।
इस मामले में शेखपुरा पुलिस एवं अभियोजन पक्ष की भूमिका भी सराहनीय रही, जिन्होंने समयबद्ध तरीके से अनुसंधान पूरा कर आरोप पत्र न्यायालय में समर्पित किया। त्वरित जांच और प्रभावी पैरवी के कारण ही पीड़ित को न्याय मिल सका। जिला प्रशासन ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि पॉक्सो जैसे संवेदनशील मामलों में त्वरित और कठोर न्याय समाज के लिए आवश्यक है।
न्यायालय के इस फैसले के बाद आम लोगों में न्याय व्यवस्था के प्रति विश्वास और मजबूत हुआ है। वहीं, यह निर्णय समाज में यह स्पष्ट संदेश देता है कि बच्चों के साथ अपराध करने वालों को कानून के तहत कड़ी से कड़ी सजा दी जाएगी। प्रशासन ने आम जनता से भी अपील की है कि ऐसे मामलों की जानकारी तुरंत पुलिस को दें, ताकि समय पर कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।