The Current Scenario
--:--:-- | Loading...
🔴 हिलसा में महाशिवरात्रि को लेकर ब्रह्माकुमारी बहनों की भव्य चैतन्य शोभायात्रा, नगर हुआ भक्तिमय     🔴 खौफनाक वारदात: पत्नी की हत्या कर खेत में दफनाया शव, ऊपर बो दी गेहूं की फसल; दो महीने बाद खुला राज     🔴 पूर्व केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे पहुँचे स्वामी विवेकानंद अवार्ड सेरेमनी में     🔴 बाँका में DM और SP ने किया EVM/VVPAT वेयर हाउस का औचक निरीक्षण, सुरक्षा व्यवस्था की हुई गहन समीक्षा     🔴 लखीसराय पुलिस ने जारी किया पोस्टर, 14 वर्षीय किशोरी नेहा कुमारी लापता     🔴 मद्य निषेध के तहत बड़ी कार्रवाई, 69 लीटर अवैध शराब बरामद     🔴 दरभंगा में 6 साल की मासूम से दरिंदगी, इलाके में आक्रोश—आरोपी को कड़ी सजा की मांग     🔴 एकरससराय स्थित प्रसिद्ध आंगारी धाम की धर्मशाला जर्जर, हादसे का खतरा बढ़ा     🔴 अहमदाबाद के सेवेंथ डे एडवेंटिस्ट स्कूल में लगातार घटनाएँ, अभिभावकों में गहरी चिंता     🔴 खुदागंज थाना पहुंचा भटकता मिला 8 वर्षीय बालक, स्थानीय लोगों की मदद से पुलिस कर रही पहचान की कोशिश    
accident Airlines Animals Business Crime Economy Education Entertainment Environment Festival Health Inspection International law Local National Nature Politics Research social Social media Sports Technology walfare Weather

कर्नाटक के दावणगेरे में डबल सुसाइड से हड़कंप: महिला प्रेमी संग फरार, पति और बिचौलिए ने की आत्महत्या

Crime  •  👁 5 views  •  29 Jan 2026
कर्नाटक के दावणगेरे में डबल सुसाइड से हड़कंप: महिला प्रेमी संग फरार, पति और बिचौलिए ने की आत्महत्या
पायलटों के आराम और ड्यूटी से जुड़े नियमों में हाल ही में किए गए बदलावों को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि पायलटों के काम के घंटे और विश्राम से जुड़े नियमों का सीधा संबंध यात्रियों की सुरक्षा से है। इसी को ध्यान में रखते हुए हाई कोर्ट ने नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) से इन बदले हुए नियमों पर जवाब मांगा है।
यह मामला उस याचिका के बाद सामने आया, जिसमें पायलटों के लिए तय किए गए नए फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) नियमों को चुनौती दी गई थी। याचिकाकर्ताओं का दावा है कि नए नियम पायलटों की थकान बढ़ा सकते हैं, जिससे उड़ान सुरक्षा पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका है।
सुनवाई के दौरान दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा कि पायलटों की थकान न केवल उनकी सेहत का मुद्दा है, बल्कि इससे सीधे तौर पर यात्रियों की जान भी जुड़ी हुई है। कोर्ट ने टिप्पणी की कि यदि पायलट पूरी तरह से आराम की स्थिति में नहीं होंगे, तो उड़ानों की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है।
अदालत ने DGCA को निर्देश दिया कि वह यह स्पष्ट करे कि नियमों में बदलाव से पहले किन विशेषज्ञों से सलाह ली गई और क्या इन संशोधनों का वैज्ञानिक व अंतरराष्ट्रीय मानकों के आधार पर मूल्यांकन किया गया है। साथ ही यह भी पूछा गया कि क्या नए नियम अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन मानकों के अनुरूप हैं या नहीं।
पायलट संगठनों ने पहले ही इन नियमों पर आपत्ति जताई थी और कहा था कि लंबी ड्यूटी और कम आराम समय से थकान बढ़ेगी, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा हो सकता है। दूसरी ओर, DGCA का पक्ष रहा है कि ये बदलाव ऑपरेशनल जरूरतों को ध्यान में रखते हुए किए गए हैं।
फिलहाल, हाई कोर्ट ने DGCA से विस्तृत जवाब दाखिल करने को कहा है और मामले की अगली सुनवाई तय की गई है। इस फैसले पर एविएशन सेक्टर और यात्रियों की निगाहें टिकी हुई हैं, क्योंकि इसका असर देश की उड़ान सुरक्षा नीति पर पड़ सकता है।