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'खेल के नियम बीच में नहीं बदले जा सकते': HCS खिलाड़ियों की नियुक्तियों पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने रिव्यू याचिकाएं खारिज की, जुर्माना लगाया

Crime  •  👁 9 views  •  27 Jan 2026
'खेल के नियम बीच में नहीं बदले जा सकते': HCS खिलाड़ियों की नियुक्तियों पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने रिव्यू याचिकाएं खारिज की, जुर्माना लगाया
पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने हाल ही में HCS (हरियाणा सिविल सर्विस) खिलाड़ियों की नियुक्तियों से जुड़ी रिव्यू याचिकाओं को खारिज कर दिया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि “खेल के नियम बीच में नहीं बदले जा सकते”, यानी पहले से निर्धारित नियम और प्रक्रियाओं के अनुसार ही नियुक्तियां हो सकती हैं। साथ ही कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं पर जुर्माने का आदेश भी दिया है।
जानकारी के अनुसार, कुछ HCS खिलाड़ियों ने अपनी नियुक्तियों को चुनौती देते हुए रिव्यू याचिका दायर की थी। उनका दावा था कि नियुक्ति प्रक्रिया में कुछ विसंगतियां थीं और उन्हें नियुक्ति का पूरा हक मिलना चाहिए। हालांकि, हाईकोर्ट ने कहा कि नियम और प्रक्रियाएं पहले से स्पष्ट हैं और उन्हें बीच में बदलने का कोई आधार नहीं है।
विशेषज्ञों का कहना है कि कोर्ट का यह निर्णय समानता, पारदर्शिता और नियमों के पालन की दिशा में महत्वपूर्ण है। इससे यह सुनिश्चित होता है कि प्रशासनिक नियुक्तियों में नियमों की अनदेखी नहीं की जा सकती और किसी भी प्रकार की अनुचित दखलअंदाजी को रोका जा सकता है।
कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं पर जुर्माना लगाने का आदेश दिया है, ताकि भविष्य में इस तरह की बिना आधार की याचिकाओं और नियमों को चुनौती देने के प्रयासों को रोका जा सके। न्यायालय ने यह भी कहा कि नियमों का पालन सभी के लिए समान रूप से आवश्यक है।
यह फैसला HCS खिलाड़ियों और अन्य सरकारी कर्मचारियों के लिए स्पष्ट संदेश है कि सरकारी प्रक्रियाओं और नियुक्तियों में पारदर्शिता और नियमों का पालन सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके साथ ही, कोर्ट का यह निर्णय प्रशासनिक प्रक्रिया की विश्वसनीयता और कानूनी अनुशासन को भी मजबूत करता है।
पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट की इस कार्रवाई ने यह साबित किया कि नियमों के दायरे में रहकर ही न्याय और निष्पक्षता सुनिश्चित की जा सकती है।