The Current Scenario
--:--:-- | Loading...
🔴 हिलसा में महाशिवरात्रि को लेकर ब्रह्माकुमारी बहनों की भव्य चैतन्य शोभायात्रा, नगर हुआ भक्तिमय     🔴 खौफनाक वारदात: पत्नी की हत्या कर खेत में दफनाया शव, ऊपर बो दी गेहूं की फसल; दो महीने बाद खुला राज     🔴 पूर्व केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे पहुँचे स्वामी विवेकानंद अवार्ड सेरेमनी में     🔴 बाँका में DM और SP ने किया EVM/VVPAT वेयर हाउस का औचक निरीक्षण, सुरक्षा व्यवस्था की हुई गहन समीक्षा     🔴 लखीसराय पुलिस ने जारी किया पोस्टर, 14 वर्षीय किशोरी नेहा कुमारी लापता     🔴 मद्य निषेध के तहत बड़ी कार्रवाई, 69 लीटर अवैध शराब बरामद     🔴 दरभंगा में 6 साल की मासूम से दरिंदगी, इलाके में आक्रोश—आरोपी को कड़ी सजा की मांग     🔴 एकरससराय स्थित प्रसिद्ध आंगारी धाम की धर्मशाला जर्जर, हादसे का खतरा बढ़ा     🔴 अहमदाबाद के सेवेंथ डे एडवेंटिस्ट स्कूल में लगातार घटनाएँ, अभिभावकों में गहरी चिंता     🔴 खुदागंज थाना पहुंचा भटकता मिला 8 वर्षीय बालक, स्थानीय लोगों की मदद से पुलिस कर रही पहचान की कोशिश    
accident Airlines Animals Business Crime Economy Education Entertainment Environment Festival Health Inspection International law Local National Nature Politics Research social Social media Sports Technology walfare Weather

दिल्ली की इवनिंग स्कूलों पर पर्दा: ये स्कूल किसके लिए थे और सरकार इन्हें क्यों बंद कर रही है

National  •  👁 3 views  •  27 Jan 2026
दिल्ली की इवनिंग स्कूलों पर पर्दा: ये स्कूल किसके लिए थे और सरकार इन्हें क्यों बंद कर रही है
दिल्ली में सरकारी इवनिंग स्कूल (Evening Schools) बंद करने की योजना ने शिक्षा जगत और आम लोगों के बीच चर्चा छेड़ दी है। ये स्कूल मुख्य रूप से उन बच्चों और युवाओं के लिए बनाए गए थे, जो दिन के समय काम करते थे या किसी कारण से नियमित स्कूल नहीं जा पाते थे। इनमें मजदूरी करने वाले बच्चे, घरेलू कामों में व्यस्त छात्र और पिछड़े वर्ग के विद्यार्थी शामिल थे।
इवनिंग स्कूलों का उद्देश्य था कि ये बच्चों को बुनियादी शिक्षा, साक्षरता और जीवन कौशल प्रदान करें, ताकि वे आगे पढ़ाई जारी रख सकें या रोजगार के अवसरों का लाभ उठा सकें। इन स्कूलों ने वर्षों तक ऐसे बच्चों को शिक्षा तक पहुंचाने का अहम काम किया है।
लेकिन अब सरकार ने कहा है कि इनकी जरूरत कम हो गई है। शिक्षा विभाग का तर्क है कि मुख्यधारा की शिक्षा योजनाओं, सरकारी स्कूलों में इंटेग्रेशन और डिजिटल शिक्षा प्लेटफॉर्म के चलते इवनिंग स्कूलों का महत्व घट गया है। इसके अलावा, संचालन लागत अधिक और छात्र संख्या अपेक्षाकृत कम होने के कारण इन्हें धीरे-धीरे बंद किया जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इन स्कूलों के बंद होने से कमजोर और वंचित वर्ग के बच्चों पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। शिक्षा और कौशल विकास के विकल्प दिए जा रहे हैं, लेकिन सवाल यह है कि क्या ये विकल्प इवनिंग स्कूलों का स्थान पूरी तरह ले पाएंगे।
सरकार का कहना है कि शिक्षा की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए अन्य योजनाएं भी लागू की जा रही हैं। फिर भी इस फैसले से यह स्पष्ट होता है कि दिल्ली की शिक्षा नीति में बदलाव की प्रक्रिया चल रही है, जो मुख्यधारा की शिक्षा प्रणाली को प्राथमिकता देती है।