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‘बड़े पैमाने पर प्रदूषण’: केरल हाई कोर्ट ने भारत की सबसे लंबी झील में हाउसबोट पर की कार्रवाई, जानिए क्यों

Crime  •  👁 9 views  •  27 Jan 2026
‘बड़े पैमाने पर प्रदूषण’: केरल हाई कोर्ट ने भारत की सबसे लंबी झील में हाउसबोट पर की कार्रवाई, जानिए क्यों
केरल की प्रसिद्ध अलेप्पी (अलप्पुझा) झील, जो भारत की सबसे लंबी झीलों में से एक मानी जाती है, अब प्रदूषण और पर्यावरणीय संकट के चलते सुर्खियों में है। राज्य उच्च न्यायालय ने हाल ही में झील में चल रही हाउसबोटों (Houseboats) के संचालन के खिलाफ कार्रवाई शुरू की है। अदालत का कहना है कि इन हाउसबोटों से बड़े पैमाने पर जल प्रदूषण और पर्यावरणीय नुकसान हो रहा है, जिससे स्थानीय पारिस्थितिकी और पर्यटन दोनों प्रभावित हो रहे हैं।
अलेप्पी झील के आसपास पर्यटन उद्योग तेजी से बढ़ा है, और हाउसबोट पर्यटन का मुख्य आकर्षण हैं। लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार, इन हाउसबोटों का संचालन अक्सर कचरे, प्लास्टिक और untreated सीवेज को सीधे झील में छोड़ने के कारण पर्यावरणीय संतुलन बिगाड़ रहा है। इससे झील का पानी प्रदूषित हो रहा है और मछली पालन समेत स्थानीय जीव-जंतुओं पर भी गंभीर असर पड़ रहा है।
केरल हाई कोर्ट ने पर्यावरण संरक्षण कानूनों और जल नीति नियमों का हवाला देते हुए प्रशासन और हाउसबोट संचालकों से झील में जल गुणवत्ता बनाए रखने के लिए तत्काल कदम उठाने को कहा है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि पर्यावरण की अनदेखी करने वाले हाउसबोटों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें लाइसेंस रद्द करना और जुर्माने का प्रावधान शामिल है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला पर्यटन और पर्यावरण के बीच संतुलन की चुनौती को सामने लाता है। जबकि हाउसबोट उद्योग स्थानीय रोजगार और अर्थव्यवस्था का बड़ा हिस्सा है, लेकिन इसके विकास के साथ पर्यावरणीय जिम्मेदारी अनिवार्य है।
केरल हाई कोर्ट की कार्रवाई दर्शाती है कि पर्यावरणीय संरक्षण और पर्यटन के बीच संतुलन बनाए रखना अब सिर्फ विकल्प नहीं, बल्कि कानून और समाज की अपेक्षा बन चुका है। यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए, तो भारत की सबसे लंबी झीलों में से एक का प्राकृतिक सौंदर्य और पारिस्थितिकी खतरे में पड़ सकता है।