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चलने के बाद आती थी डकार, टेस्ट थे नॉर्मल: बेंगलुरु के टेक एक्सपर्ट में ऐसे पकड़ा गया छिपा हुआ हार्ट ब्लॉक

Health  •  👁 12 views  •  27 Jan 2026
चलने के बाद आती थी डकार, टेस्ट थे नॉर्मल: बेंगलुरु के टेक एक्सपर्ट में ऐसे पकड़ा गया छिपा हुआ हार्ट ब्लॉक
बेंगलुरु के एक 40 वर्षीय टेक एक्सपर्ट की कहानी यह बताती है कि दिल की गंभीर बीमारियां हमेशा सीने में दर्द या सांस फूलने जैसे पारंपरिक लक्षणों के साथ ही सामने आएं, यह जरूरी नहीं। इस व्यक्ति को जब भी तेज़ चलना या सीढ़ियां चढ़ना पड़ता, तो अजीब तरह से बार-बार डकार आने लगती थी। शुरुआत में उन्होंने इसे गैस, एसिडिटी या तनाव से जुड़ी सामान्य समस्या मानकर नजरअंदाज कर दिया।
हैरानी की बात यह थी कि शुरुआती मेडिकल जांच—ईसीजी, ब्लड टेस्ट और रूटीन हार्ट चेकअप—सब सामान्य आए। डॉक्टरों को भी कोई स्पष्ट समस्या नजर नहीं आई। लेकिन लक्षण लगातार बने रहे। चलते समय डकार आना, हल्की थकान और कभी-कभी चक्कर जैसा महसूस होना—ये संकेत कुछ और ही इशारा कर रहे थे।
आखिरकार विस्तृत जांच के लिए उन्हें एडवांस्ड कार्डियक टेस्ट कराने की सलाह दी गई। होल्टर मॉनिटरिंग और स्ट्रेस टेस्ट के दौरान यह सामने आया कि उन्हें छिपा हुआ हार्ट ब्लॉक (Concealed Heart Block) है। यह एक ऐसी स्थिति होती है जिसमें दिल की इलेक्ट्रिकल सिग्नल प्रणाली ठीक से काम नहीं करती, लेकिन आराम की अवस्था में टेस्ट सामान्य दिख सकते हैं।
डॉक्टरों के अनुसार, शारीरिक गतिविधि के दौरान दिल की धड़कन और रक्त प्रवाह की मांग बढ़ती है। ऐसे में हार्ट ब्लॉक के कारण शरीर को पर्याप्त ब्लड सप्लाई नहीं मिल पाती और इसके लक्षण असामान्य तरीकों से प्रकट हो सकते हैं—जैसे डकार, मिचली या पेट में बेचैनी।
समय पर पहचान होने के बाद मरीज का उचित इलाज किया गया और जरूरत के अनुसार पेसमेकर लगाने की सलाह दी गई। अब उनकी हालत स्थिर है और वे सामान्य जीवन जी रहे हैं।
यह मामला एक अहम चेतावनी है कि अगर शरीर लगातार कोई असामान्य संकेत दे रहा हो, भले ही शुरुआती टेस्ट नॉर्मल हों, तो उसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। खासकर आईटी प्रोफेशनल्स और शहरी जीवनशैली वाले लोगों के लिए, दिल से जुड़ी बीमारियां अक्सर छिपे हुए रूप में सामने आती हैं। जागरूकता और समय पर जांच ही जीवन बचा सकती है।