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गेमिंग की लत: टीनएजर्स को डिवाइस से कैसे दूर करें?

Health  •  👁 14 views  •  06 Feb 2026
गेमिंग की लत: टीनएजर्स को डिवाइस से कैसे दूर करें?
आजकल टीनएजर्स में गेमिंग की लत एक बढ़ती हुई चिंता बनती जा रही है। मोबाइल, टैबलेट और कंप्यूटर पर घंटों गेम खेलना उनके शैक्षणिक प्रदर्शन, मानसिक स्वास्थ्य और सामाजिक जीवन पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। माता-पिता अक्सर यह सवाल पूछते हैं कि कैसे अपने बच्चों को डिजिटल डिवाइस से दूर रखा जाए और उन्हें स्वस्थ गतिविधियों की ओर मोड़ा जाए।
सबसे पहला कदम है सकारात्मक संवाद। अपने बच्चे के साथ उसकी पसंद और खेलों के बारे में खुलकर बात करें। केवल डिवाइस छीनने से स्थिति बिगड़ सकती है। बच्चों को समझाएं कि समय का संतुलन क्यों जरूरी है और गेमिंग को सीमित करना उनका हित है।
दूसरा, स्ट्रक्चर और शेड्यूल बनाना बेहद जरूरी है। दिन में गेमिंग के लिए सीमित समय निर्धारित करें और साथ ही पढ़ाई, खेल और परिवार के साथ समय बिताने को प्रोत्साहित करें। इसके लिए रिमाइंडर या टाइमर का उपयोग किया जा सकता है।
तीसरा, वैकल्पिक गतिविधियों पर ध्यान दें। बच्चों को आउटडोर खेल, पेंटिंग, म्यूजिक क्लास या कोई हॉबी अपनाने के लिए प्रोत्साहित करें। जब उनका मनोबल किसी और गतिविधि में लगा होगा, तो गेमिंग की लत धीरे-धीरे कम होगी।
इसके अलावा, रोल मॉडल बनें। यदि माता-पिता स्वयं स्क्रीन टाइम को नियंत्रित रखते हैं, तो बच्चे के लिए उदाहरण स्थापित होता है।
अगर गेमिंग लत गंभीर रूप ले रही है, तो मनोवैज्ञानिक या काउंसलर की मदद लेना बेहतर होता है। एक्सपर्ट गाइडेंस से बच्चे की आदतों में सकारात्मक बदलाव लाना आसान हो जाता है।
कुल मिलाकर, संतुलन, संवाद और वैकल्पिक गतिविधियों की मदद से टीनएजर्स को गेमिंग की लत से दूर किया जा सकता है। समय पर सही कदम उठाने से बच्चे मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ रहते हैं।