The Current Scenario
--:--:-- | Loading...
🔴 दिल्ली राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएसएलएसए) की पहल: डिजिटल लोक अदालत से ट्रैफिक चालान निस्तारण हुआ आसान और पारदर्शी     🔴 एकंगरसराय में दर्दनाक हादसा: रेलवे ट्रैक पर मालगाड़ी की चपेट में आने से युवक की मौत     🔴 इस्लामपुर में पुलिस की बड़ी कार्रवाई: विशेष अभियान में दो आरोपी गिरफ्तार, न्यायिक हिरासत में भेजे गए     🔴 वैलेंटाइन डे विवाद: युवक-युवती को अलग कर हाथ में थमाई हनुमान चालीसा, तस्वीर वायरल     🔴 बिहार के नालंदा में युवक की आत्महत्या: दीपनगर इलाके से दुखद घटना     🔴 दिल्ली में वैलेंटाइन डे पर सनसनी: विश्वास नगर के संतोष रेजिडेंसी होटल से युवती ने लगाई छलांग, हालत स्थिर     🔴 हिलसा में महाशिवरात्रि को लेकर ब्रह्माकुमारी बहनों की भव्य चैतन्य शोभायात्रा, नगर हुआ भक्तिमय     🔴 खौफनाक वारदात: पत्नी की हत्या कर खेत में दफनाया शव, ऊपर बो दी गेहूं की फसल; दो महीने बाद खुला राज     🔴 पूर्व केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे पहुँचे स्वामी विवेकानंद अवार्ड सेरेमनी में     🔴 बाँका में DM और SP ने किया EVM/VVPAT वेयर हाउस का औचक निरीक्षण, सुरक्षा व्यवस्था की हुई गहन समीक्षा    
accident Airlines Animals Business Crime Economy Education Entertainment Environment Festival Health Inspection International law Local National Nature Politics Research social Social media Sports Technology walfare Weather

कारों को बात करने दें: व्हीकल-टू-व्हीकल कम्युनिकेशन से सड़क दुर्घटनाओं को रोकने की तकनीक

Technology  •  👁 15 views  •  26 Jan 2026
कारों को बात करने दें: व्हीकल-टू-व्हीकल कम्युनिकेशन से सड़क दुर्घटनाओं को रोकने की तकनीक
सड़क पर चलती कारें अब केवल परिवहन का साधन नहीं रह गई हैं; वे एक दूसरे से संवाद भी कर सकती हैं। इसे कहते हैं व्हीकल-टू-व्हीकल (V2V) कम्युनिकेशन, यानी वाहन आपस में डेटा और संकेत साझा करके दुर्घटनाओं को रोकने में मदद करते हैं।
V2V तकनीक का उद्देश्य सड़क पर जानलेवा हादसों को कम करना है। हर वाहन में छोटे सेंसर और ट्रांसमीटर लगे होते हैं, जो गति, ब्रेकिंग, दिशा और स्थान जैसी जानकारी रीयल-टाइम में पास के वाहनों के साथ साझा करते हैं। उदाहरण के लिए, यदि एक कार अचानक ब्रेक लगाती है, तो आसपास की कारें तुरंत चेतावनी पाती हैं और समय रहते रुक सकती हैं।
इस तकनीक से रेड लाइट उल्लंघन, लेन बदलने की दुर्घटनाएं और अंधे मोड़ पर होने वाली टक्कर जैसी घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि V2V कम्युनिकेशन सड़क पर ड्राइवर की प्रतिक्रिया समय को सेकंडों में घटा देता है, जिससे दुर्घटना का जोखिम काफी कम हो जाता है।
V2V के साथ जुड़ी अन्य तकनीकें, जैसे व्हीकल-टू-इन्फ्रास्ट्रक्चर (V2I), ट्रैफिक सिग्नल और सड़क के अन्य उपकरणों से भी वाहन को जोड़ती हैं। इसका मतलब है कि वाहन न केवल एक-दूसरे से, बल्कि सड़क के इन्फ्रास्ट्रक्चर से भी स्मार्ट तरीके से संवाद कर सकता है।
विश्लेषकों के अनुसार, जैसे-जैसे स्मार्ट कारें और ऑटोमेटेड वाहन आम होंगे, V2V तकनीक सड़क सुरक्षा का एक नया मानक बन सकती है। यह तकनीक केवल भविष्य की सोच नहीं, बल्कि वास्तविक दुनिया में जान बचाने वाला उपाय भी है।