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महाभारत का हवाला देते हुए पटना हाई कोर्ट ने ज़मीन विवाद के तिहरे हत्याकांड में दो आरोपियों की मौत की सज़ा बरकरार रखी

Crime  •  👁 9 views  •  26 Jan 2026
महाभारत का हवाला देते हुए पटना हाई कोर्ट ने ज़मीन विवाद के तिहरे हत्याकांड में दो आरोपियों की मौत की सज़ा बरकरार रखी
पटना: पटना हाई कोर्ट ने एक ज़मीन विवाद से जुड़ी तिहरे हत्याकांड की सुनवाई में दो आरोपियों को मौत की सज़ा देने का फैसला बरकरार रखा है। अदालत ने अपने फैसले में महाभारत का हवाला देते हुए न्याय और सज़ा की सटीकता पर जोर दिया।
जानकारी के अनुसार, यह मामला सालों पुराने ज़मीन विवाद से संबंधित था, जिसमें तीन व्यक्तियों की हत्या हुई थी। निचली अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए मौत की सज़ा सुनाई थी। आरोपियों ने उच्च न्यायालय में सज़ा को चुनौती दी थी, लेकिन पटना हाई कोर्ट ने निचली अदालत के निर्णय को सही ठहराया।
हाई कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि महाभारत में भी न्याय और कर्तव्य के सिद्धांतों पर बल दिया गया है। अदालत ने तर्क दिया कि अपराध की गंभीरता और पीड़ित परिवारों की पीड़ा को देखते हुए सज़ा में कोई बदलाव नहीं किया जा सकता।
वकीलों और न्यायालय विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के मामले समाज में स्पष्ट संदेश भेजते हैं कि हत्या और गंभीर अपराधों के लिए न्यायालय सख्त कार्रवाई करता है। पटना हाई कोर्ट के फैसले से उम्मीद है कि भविष्य में भूमि विवादों को हल करने में लोगों के लिए कानूनी प्रक्रिया को अपनाना और भी महत्वपूर्ण हो जाएगा।
अदालत ने अपने फैसले में यह भी स्पष्ट किया कि न्यायालय की भूमिका केवल सज़ा सुनाना ही नहीं है, बल्कि समाज में कानून के प्रति विश्वास बनाए रखना भी है। इस फैसले के बाद पीड़ित परिवारों ने न्याय मिलने पर राहत व्यक्त की है।
यह मामला एक बार फिर याद दिलाता है कि न्याय और सज़ा का संतुलन प्राचीन कथाओं और आधुनिक कानून दोनों में कितना महत्वपूर्ण है।