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कर्नाटक के राइट-विंग एक्टिविस्ट पुनीत केरेहल्ली एक महीने में दूसरी बार गिरफ्तार, बेल पर रिहा

Crime  •  👁 11 views  •  24 Jan 2026
कर्नाटक के राइट-विंग एक्टिविस्ट पुनीत केरेहल्ली एक महीने में दूसरी बार गिरफ्तार, बेल पर रिहा
नोएडा की तरह ही बेंगलुरु में भी सुरक्षा और कानून‑व्यवस्था से जुड़े तनाव के बीच पुनीत केरेहल्ली का नाम अक्सर विवादों में आता रहा है। शुक्रवार, 23 जनवरी 2026 को पुलिस ने उन पर एक पुराने हमला (assault) के मामले में जारी वॉरंट के आधार पर उन्हें गिरफ्तार किया। बताया गया है कि यह केस 20 जुलाई 2025 को दर्ज किया गया था, जब वे और उनके साथियों ने कथित तौर पर एक गाड़ी को रोककर लोगों पर हमला किया था, यह आरोप यह है कि वे गाड़ी में ले जाई जा रही मांस सामग्री को लेकर भड़क गए थे।
पुलिस के अनुसार पुनीत केरेहल्ली कई आपराधिक मामलों के इतिहास वाले हैं, जिसमें अवैध कार्रवाई, हत्या, धमकी और अन्य गंभीर आरोप शामिल हैं। पिछले दिनों भी बीते हफ्ते एक अलग मामले में उन्हें माइग्रेंट वर्कर्स के घरों में घुसने और उन्हें धमकाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था, लेकिन उस गिरफ्तारी के बाद भी उन्हें अदालत ने बेल दे दी थी।
पुलिस ने यह भी कहा है कि पुनीत कई बार पूछताछ के लिए पुलिस नोटिस का जवाब नहीं दे रहे थे, जिसके कारण अदालत ने वारंट जारी किया। उन्हें सोलदेवनाहल्ली पुलिस स्टेशन के पास से गिरफ्तार किया गया, जहाँ वे एक शिकायत दर्ज कराने गए थे जिसमें उन्होंने एक व्यक्ति को “अवैध बंग्लादेशी प्रवासी” बताया था।
हालाँकि इस नवीनतम गिरफ्तारी के कुछ ही समय बाद अदालत ने उन्हें बेल पर रिहा कर दिया, यह मामला राज्य में विवादों और सुरक्षा चिंताओं को फिर से उभार रहा है। पुनीत पर कई गंभीर मामलों में नाम दर्ज है, इसलिए उनके रिहाई के निर्णय को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर बहस जारी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में कानूनी प्रक्रियाओं का पालन और संवैधानिक अधिकारों का संरक्षण दोनों जरूरी हैं, खासकर जब कोई व्यक्ति कई आपराधिक आरोपों के बावजूद बेल पर बाहर हो रहा हो। इसके अलावा, यह भी देखा जा रहा है कि कस्बाई और शहरी इलाकों में उल्लंघन और सामाजिक तनाव से निपटने के लिए पुलिस और अदालतों के बीच तालमेल कितना प्रभावी है।