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नवीकरणीय ऊर्जा कटौती में ट्रांसमिशन पिछड़ा: एमएनआरई सचिव का बयान

Technology   •   👁 31 views   •   24 Jan 2026
नवीकरणीय ऊर्जा कटौती में ट्रांसमिशन पिछड़ा: एमएनआरई सचिव का बयान
नई दिल्ली: नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में विकास के बावजूद, ऊर्जा कटौती (renewable energy curtailment) की समस्या और ट्रांसमिशन नेटवर्क की पिछड़ी स्थिति को लेकर एमएनआरई (Ministry of New and Renewable Energy) के सचिव ने चिंता व्यक्त की है। सचिव ने बताया कि नवीकरणीय ऊर्जा जैसे सौर और पवन परियोजनाओं में उत्पादन क्षमता बढ़ी है, लेकिन ट्रांसमिशन और वितरण प्रणाली अभी पूरी तरह सक्षम नहीं है, जिससे कटौती की घटनाएं बढ़ रही हैं।
सचिव ने कहा कि कई राज्यों में सौर और पवन ऊर्जा उत्पादन का सही समय पर उपयोग नहीं हो पा रहा है। इसके कारण बिजली की अनावश्यक कटौती और परियोजनाओं की दक्षता में कमी आ रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर को नवीनीकृत और मजबूत करना अत्यंत आवश्यक है, ताकि ऊर्जा का उत्पादन और वितरण संतुलित रूप से हो सके।
विशेषज्ञों का कहना है कि भारत ने नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं, लेकिन यदि ग्रिड क्षमताओं और ट्रांसमिशन नेटवर्क को समय पर अपग्रेड नहीं किया गया, तो यह विकास अधूरा रहेगा। उन्होंने सुझाव दिया कि स्मार्ट ग्रिड तकनीक और ऊर्जा भंडारण (energy storage) समाधान अपनाकर कटौती को कम किया जा सकता है।
एमएनआरई सचिव ने यह भी कहा कि सरकार नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं को अधिकतम क्षमता पर संचालित करने और बिजली वितरण को सुचारू बनाने के लिए सक्रिय कदम उठा रही है। इसके साथ ही, राज्यों और बिजली वितरण कंपनियों को भी सहयोग और रणनीति बनाने की सलाह दी गई है।
कुल मिलाकर, नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में ट्रांसमिशन की पिछड़ी स्थिति कटौती की मुख्य वजह है, और इसे सुधारना देश की ग्रीन एनर्जी योजनाओं और लक्ष्यों के लिए महत्वपूर्ण है।