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भारत ब्रिटेन के लिए सबसे बड़ी प्राथमिकता, अमेरिकी बाजार में रुकावट होने पर कंपनियों के लिए UK विकल्प: विशेषज्ञ

Business  •  👁 19 views  •  23 Jan 2026
भारत ब्रिटेन के लिए सबसे बड़ी प्राथमिकता, अमेरिकी बाजार में रुकावट होने पर कंपनियों के लिए UK विकल्प: विशेषज्ञ
हाल ही में एक वरिष्ठ व्यापार विशेषज्ञ ने कहा कि यदि कंपनियां अमेरिका में अपने उत्पाद बेच या निवेश नहीं कर सकतीं, तो उनके लिए यूनाइटेड किंगडम (UK) एक प्रमुख विकल्प बन सकता है। विशेषज्ञ ने यह भी कहा कि भारत ब्रिटेन के लिए सबसे बड़ी प्राथमिकता है, और दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश के अवसर लगातार बढ़ रहे हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिकी बाजार में व्यापार और निवेश पर बढ़ते नियामक दबाव और आर्थिक अनिश्चितताएं कंपनियों को वैकल्पिक बाजार की तलाश पर मजबूर कर रही हैं। ऐसे में UK अपने निवेश अनुकूल माहौल, आसान व्यापार नियम और विकसित वित्तीय ढांचे के कारण कंपनियों के लिए आकर्षक विकल्प बनता जा रहा है।
भारत के संदर्भ में उन्होंने कहा कि ब्रिटेन के लिए भारतीय बाजार रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। भारत की बढ़ती अर्थव्यवस्था, युवा आबादी और डिजिटल अर्थव्यवस्था के विस्तार ने ब्रिटेन के व्यापारिक हितों को और मजबूती दी है। ब्रिटिश कंपनियां भारत में निवेश और साझेदारी के माध्यम से अपने वैश्विक पोर्टफोलियो का विस्तार कर रही हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि भारत और UK के बीच वाणिज्यिक सहयोग, तकनीकी साझेदारी और निवेश के नए अवसर तेजी से विकसित हो रहे हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य, ऊर्जा और सूचना प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच सहयोग और निवेश की संभावनाएं मजबूत हैं।
व्यापार जगत के लिए यह संकेत स्पष्ट करता है कि यदि अमेरिकी बाजार में अड़चनें आती हैं, तो UK और भारत दोनों ही रणनीतिक विकल्प बन सकते हैं। इससे वैश्विक व्यापार में लचीलापन और नए अवसर खुलेंगे।