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अनिल अंबानी ग्रुप मामले में ED का सुप्रीम कोर्ट को जवाब: ‘तेज़ और निष्पक्ष जांच जारी’, SIT गठित करने की ज़रूरत नहीं

Business  •  👁 9 views  •  04 Feb 2026
अनिल अंबानी ग्रुप मामले में ED का सुप्रीम कोर्ट को जवाब: ‘तेज़ और निष्पक्ष जांच जारी’, SIT गठित करने की ज़रूरत नहीं
रिलायंस अनिल अंबानी ग्रुप के खिलाफ चल रही जांच को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि मामले में “तेज़, निष्पक्ष और कानून के दायरे में” जांच जारी है और इसके लिए किसी विशेष जांच टीम (SIT) के गठन की आवश्यकता नहीं है। ED ने यह जवाब उस याचिका के संदर्भ में दिया, जिसमें जांच की निगरानी के लिए SIT बनाने की मांग की गई थी।
शीर्ष अदालत के समक्ष दाखिल अपने हलफनामे में ED ने कहा कि जांच पूरी तरह से मौजूदा कानूनी ढांचे के तहत की जा रही है और किसी भी प्रकार की देरी या पक्षपात का आरोप निराधार है। एजेंसी ने यह भी स्पष्ट किया कि सभी प्रक्रियात्मक सुरक्षा उपायों का पालन किया जा रहा है और संबंधित पक्षों को कानून के अनुसार अवसर दिए जा रहे हैं।
यह मामला रिलायंस अनिल अंबानी ग्रुप की कुछ कंपनियों से जुड़े कथित वित्तीय लेन-देन और मनी लॉन्ड्रिंग से संबंधित जांच से जुड़ा हुआ है। याचिकाकर्ता की ओर से दावा किया गया था कि मामले की गंभीरता को देखते हुए एक स्वतंत्र SIT ही निष्पक्ष जांच सुनिश्चित कर सकती है। हालांकि, ED ने इस दलील का विरोध करते हुए कहा कि मौजूदा जांच तंत्र सक्षम और पर्याप्त है।
केंद्र सरकार का पक्ष रखते हुए ED ने सुप्रीम कोर्ट को यह भी बताया कि SIT का गठन एक असाधारण कदम होता है और इसका सहारा तभी लिया जाना चाहिए, जब जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर ठोस सवाल खड़े हों। इस मामले में ऐसी कोई स्थिति नहीं है।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि अदालत का रुख इस बात पर निर्भर करेगा कि वह जांच की प्रगति और पारदर्शिता से कितनी संतुष्ट है। वहीं, यह मामला कॉरपोरेट गवर्नेंस, वित्तीय निगरानी और जांच एजेंसियों की भूमिका को लेकर एक बार फिर बहस के केंद्र में आ गया है।
अब सुप्रीम कोर्ट इस पर फैसला करेगा कि ED की दलीलों को स्वीकार किया जाए या मामले में किसी वैकल्पिक व्यवस्था की जरूरत है।