The Current Scenario
--:--:-- | Loading...
🔴 डोपिंग से दूर रहें खिलाड़ी: अखिल कुमार, अर्जुन अवार्डी एवं डी.एस.पी. हरियाणा पुलिस     🔴 देवेश चंद्र श्रीवास्तव विशेष आयुक्त पुलिस /क्राइम के मार्गदर्शन एवं सुश्री वेदिता रेड्डी आईएएस निदेशक (शिक्षा) के नेतृत्व में एक लाख बच्चे नशा ना करने के शपथ अभियान में हुए शामिल     🔴 बढ़ती पर्यावरणीय चुनौतियों में जागरूकता आवश्यक: प्रो. (डॉ.) जे.एस. यादव डीन     🔴 एथलेटिक्स प्रतियोगिताओं में खिलाड़ियों का दमखम, कामेत हाउस रहा अव्वल     🔴 9 दिन बाद भी कार्रवाई क्यों नहीं? 44°C में तपते नागरिक, जिम्मेदार कौन?     🔴 बस स्थानक के बाहर निजी बसों की भीड़: सड़क किनारे यात्रियों की भराई से यातायात व्यवस्था पर सवाल     🔴 हरियाणा खेल विश्वविद्यालय का मनाएगा तीसरा स्थापना दिवस     🔴 नगरपालिका अध्यक्ष एवं शिक्षा निदेशक के कुशल नेतृत्व में छात्र ~छात्राओं ने रचा इतिहास     🔴 जहाँ सपनों को मिलती है सही दिशा इनायतिया स्कूल बना रहा बच्चों का मजबूत भविष्य     🔴 खिरपुरी जैसी घटना अकोला में न हो: सामाजिक कार्यकर्ता सलीम सिद्दीकी ने जल आपूर्ति व्यवस्था पर उठाए सवाल    
accident Airlines Animals Business Crime Economy Education Entertainment Environment Festival Health Inspection International law Local National Nature Politics Research social Social media Sports Technology walfare Weather

बॉर्डर 2 म्यूज़िक रिव्यू: बहुत कम ओरिजिनल सोच, क्योंकि नॉस्टैल्जिया अपने चालाक आकर्षण से आपको इसके विपरीत यकीन दिलाने की कोशिश करती है।

Entertainment   •   👁 17 views   •   22 Jan 2026
बॉर्डर 2 म्यूज़िक रिव्यू: बहुत कम ओरिजिनल सोच, क्योंकि नॉस्टैल्जिया अपने चालाक आकर्षण से आपको इसके विपरीत यकीन दिलाने की कोशिश करती है।
फिल्म ‘बॉर्डर 2’ का म्यूज़िक रिव्यू यह साफ़ संकेत देता है कि मेकर्स ने इस बार नई सोच से ज़्यादा नॉस्टैल्जिया पर भरोसा किया है। पहली ‘बॉर्डर’ फिल्म का संगीत देशभक्ति, भावनाओं और सादगी का ऐसा मेल था जो दशकों बाद भी लोगों के ज़ेहन में ज़िंदा है। लेकिन ‘बॉर्डर 2’ का संगीत उसी विरासत का बोझ ढोता नज़र आता है, बजाय इसके कि वह अपनी अलग पहचान बनाए।
एल्बम सुनते ही यह एहसास होता है कि धुनें पहले से सुनी-पहचानी लगती हैं। देशभक्ति गीतों में वही भारी ऑर्केस्ट्रेशन, वही कोरस और वही भावनात्मक ऊँचाई दोहराई गई है, जो पुरानी ‘बॉर्डर’ की याद दिलाने की कोशिश करती है। नॉस्टैल्जिया यहां एक चालाक हथियार की तरह इस्तेमाल किया गया है, जो श्रोता को यह यकीन दिलाने की कोशिश करता है कि जो वह सुन रहा है, वह गहरा और प्रभावशाली है, जबकि वास्तव में उसमें ओरिजिनल सोच की कमी साफ़ झलकती है।
गीतों के बोल भी अधिकतर घिसे-पिटे देशभक्ति मुहावरों के इर्द-गिर्द घूमते हैं। शब्दों में न तो कोई नया दृष्टिकोण दिखता है और न ही आज के दौर की संवेदनाओं को छूने की कोशिश। ऐसा लगता है कि गीतकारों ने सुरक्षित रास्ता चुना है, ताकि भावनाओं के नाम पर सवाल न उठें, लेकिन इसी सुरक्षा ने गानों को औसत बना दिया है।
हालांकि, तकनीकी स्तर पर म्यूज़िक कमजोर नहीं है। रिकॉर्डिंग क्वालिटी अच्छी है, सिंगर्स ने ईमानदारी से परफॉर्म किया है और बैकग्राउंड स्कोर युद्ध के दृश्यों में असर पैदा करता है। लेकिन यह सब मिलकर भी उस जादू को नहीं रच पाता, जो पहली ‘बॉर्डर’ के संगीत में था।
कुल मिलाकर, ‘बॉर्डर 2’ का म्यूज़िक नॉस्टैल्जिया के सहारे खड़ा दिखाई देता है। यह आपको अतीत की यादों में उलझाकर अपनी कमियों को छिपाने की कोशिश करता है, लेकिन ध्यान से सुनने पर साफ़ हो जाता है कि इसमें कम मौलिकता और ज़्यादा दोहराव है। यह एल्बम भावनात्मक रूप से छू सकता है, लेकिन यादगार बनने के लिए जो नई सोच चाहिए, वह इसमें नज़र नहीं आती।