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ट्रम्प कैसे चीन को फिर से महान बना रहे हैं, और व्यापार संबंधों को फिर से शुरू करने के लिए मजबूर कर रहे हैं

International  •  👁 13 views  •  22 Jan 2026
ट्रम्प कैसे चीन को फिर से महान बना रहे हैं, और व्यापार संबंधों को फिर से शुरू करने के लिए मजबूर कर रहे हैं
डोनाल्ड ट्रम्प की नीतियों को लेकर अक्सर यह तर्क दिया जाता है कि वे अमेरिका को मज़बूत करने के इरादे से बनाई गई थीं, लेकिन व्यवहार में कई फैसले ऐसे रहे जिन्होंने चीन को अप्रत्यक्ष रूप से फायदा पहुंचाया। “ट्रम्प कैसे चीन को फिर से महान बना रहे हैं” वाली बहस इसी पृष्ठभूमि से निकलती है, खासकर व्यापार और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला के संदर्भ में।
ट्रम्प प्रशासन ने चीन के खिलाफ कड़े टैरिफ और व्यापार युद्ध की नीति अपनाई। इसका मकसद अमेरिकी कंपनियों को चीन से बाहर निकालना और घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देना था। लेकिन इसका एक उलटा असर यह हुआ कि चीन ने तेजी से वैकल्पिक बाजारों और सप्लाई चेन पर काम शुरू कर दिया। एशिया, अफ्रीका और यूरोप में चीन ने अपने व्यापारिक रिश्ते मजबूत किए, जिससे उसकी वैश्विक पकड़ और गहरी हो गई।
इसके साथ ही, अमेरिका-चीन व्यापार युद्ध से वैश्विक अर्थव्यवस्था में अनिश्चितता बढ़ी। कई बहुराष्ट्रीय कंपनियों को नुकसान हुआ और अंततः अमेरिका की बड़ी कंपनियों ने भी दबाव बनाना शुरू किया कि चीन के साथ व्यापारिक रिश्ते पूरी तरह तोड़े नहीं जा सकते। इसी दबाव ने भविष्य की अमेरिकी सरकारों को चीन के साथ व्यापारिक संवाद दोबारा शुरू करने के लिए मजबूर किया।
राजनीतिक स्तर पर भी ट्रम्प की आक्रामक विदेश नीति ने अमेरिका के पारंपरिक सहयोगियों को असहज किया। यूरोप और एशिया के कुछ देशों ने अमेरिका की बजाय चीन के साथ व्यावहारिक रिश्ते बनाए रखना ज़्यादा सुरक्षित समझा। इससे चीन को खुद को एक स्थिर और भरोसेमंद आर्थिक साझेदार के रूप में पेश करने का मौका मिला।
इस तरह ट्रम्प की नीतियाँ चीन को रोकने के इरादे से शुरू हुईं, लेकिन परिणामस्वरूप चीन ने आत्मनिर्भरता, तकनीकी विकास और वैकल्पिक व्यापारिक ढांचे पर तेज़ी से काम किया। आज जब अमेरिका को फिर से चीन के साथ व्यापारिक संबंधों को संतुलित करने की ज़रूरत महसूस हो रही है, तो यह साफ होता है कि ट्रम्प युग ने चीन को कमजोर करने के बजाय उसे नई रणनीतिक ताकत विकसित करने का अवसर दिया।