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18 साल बाद इंसाफ: बॉम्बे हाई कोर्ट ने एक गरीब सफाईकर्मी के लिए दखल दिया, जिसे HIV पॉजिटिव होने की वजह से पक्की नौकरी नहीं दी गई थी।

Health  •  👁 22 views  •  29 Dec 2025
18 साल बाद इंसाफ: बॉम्बे हाई कोर्ट ने एक गरीब सफाईकर्मी के लिए दखल दिया, जिसे HIV पॉजिटिव होने की वजह से पक्की नौकरी नहीं दी गई थी।
मुंबई के एक अस्पताल में सफाई कर्मचारी के तौर पर काम करने वाले 55 साल के एक व्यक्ति की याचिका पर सुनवाई करते हुए बॉम्बे हाई कोर्ट ने कहा कि उसके HIV+ होने की वजह से उसे पक्का कर्मचारी न बनाना साफ तौर पर "मनमाना, भेदभावपूर्ण और भारत के संविधान के अनुच्छेद 14 और 16 का उल्लंघन" है।
जस्टिस संदीप वी मार्ने एक स्टाफ सदस्य की याचिका पर सुनवाई कर रहे थे, जिसमें इंडस्ट्रियल कोर्ट के एक आदेश को चुनौती दी गई थी। उस आदेश में स्टाफ सदस्य की उस शिकायत को खारिज कर दिया गया था जिसमें उसने 2006 से उसे परमानेंट कर्मचारी घोषित करने और 2006 से 2017 के बीच नौकरी के दौरान मिलने वाले फायदों का भुगतान करने की मांग की थी।