The Current Scenario
--:--:-- | Loading...
🔴 हिलसा में महाशिवरात्रि को लेकर ब्रह्माकुमारी बहनों की भव्य चैतन्य शोभायात्रा, नगर हुआ भक्तिमय     🔴 खौफनाक वारदात: पत्नी की हत्या कर खेत में दफनाया शव, ऊपर बो दी गेहूं की फसल; दो महीने बाद खुला राज     🔴 पूर्व केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे पहुँचे स्वामी विवेकानंद अवार्ड सेरेमनी में     🔴 बाँका में DM और SP ने किया EVM/VVPAT वेयर हाउस का औचक निरीक्षण, सुरक्षा व्यवस्था की हुई गहन समीक्षा     🔴 लखीसराय पुलिस ने जारी किया पोस्टर, 14 वर्षीय किशोरी नेहा कुमारी लापता     🔴 मद्य निषेध के तहत बड़ी कार्रवाई, 69 लीटर अवैध शराब बरामद     🔴 दरभंगा में 6 साल की मासूम से दरिंदगी, इलाके में आक्रोश—आरोपी को कड़ी सजा की मांग     🔴 एकरससराय स्थित प्रसिद्ध आंगारी धाम की धर्मशाला जर्जर, हादसे का खतरा बढ़ा     🔴 अहमदाबाद के सेवेंथ डे एडवेंटिस्ट स्कूल में लगातार घटनाएँ, अभिभावकों में गहरी चिंता     🔴 खुदागंज थाना पहुंचा भटकता मिला 8 वर्षीय बालक, स्थानीय लोगों की मदद से पुलिस कर रही पहचान की कोशिश    
accident Airlines Animals Business Crime Economy Education Entertainment Environment Festival Health Inspection International law Local National Nature Politics Research social Social media Sports Technology walfare Weather

बेंगलुरु की फार्मा कंपनी ने 15 मिनट में 2.16 करोड़ रुपये बचाए, 'गोल्डन आवर' से नाइजीरियाई ईमेल स्कैम पर लगाई रोक

Business  •  👁 10 views  •  21 Jan 2026
बेंगलुरु की फार्मा कंपनी ने 15 मिनट में 2.16 करोड़ रुपये बचाए, 'गोल्डन आवर' से नाइजीरियाई ईमेल स्कैम पर लगाई रोक
बेंगलुरु की एक प्रमुख फार्मास्युटिकल कंपनी ने हाल ही में दिखा दिया कि सुरक्षा और तेजी से प्रतिक्रिया कैसे बड़े वित्तीय नुकसान को रोक सकती है। कंपनी ने ‘गोल्डन आवर’ (Golden Hour) रणनीति का उपयोग करते हुए नाइजीरियाई ईमेल स्पूफिंग स्कैम को मात दी और सिर्फ 15 मिनट में 2.16 करोड़ रुपये बचाए।

घटना में, कंपनी के वित्त विभाग को एक ऐसा ईमेल प्राप्त हुआ, जिसमें बैंक ट्रांसफर के लिए फर्जी निर्देश दिए गए थे। शुरुआती जांच में पता चला कि यह एक नाइजीरियाई ईमेल स्पूफिंग स्कैम था। इस प्रकार के स्कैम में अपराधी आधिकारिक ईमेल पते की नक़ल करके बड़ी राशि की चोरी की कोशिश करते हैं।

कंपनी ने तुरंत ‘गोल्डन आवर’ प्रोटोकॉल लागू किया, जिसके तहत केवल पहले घंटे में पूरी टीम ने स्कैम की पहचान, बैंक से संपर्क और फंड ट्रांसफर रोकने के लिए मिलकर काम किया। इसके परिणामस्वरूप, 2.16 करोड़ रुपये का नुकसान होने से बच गया।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह घटना साइबर सुरक्षा और सतर्कता के महत्व को उजागर करती है। कंपनियों को चाहिए कि वे इलेक्ट्रॉनिक वित्तीय लेनदेन में डबल-चेक और सुरक्षा प्रोटोकॉल अपनाएँ। साथ ही कर्मचारियों को ईमेल स्पूफिंग और फर्जी लेनदेन की पहचान के लिए नियमित ट्रेनिंग दी जानी चाहिए।

संक्षेप में, बेंगलुरु की इस फार्मा कंपनी का यह कदम तेजी, टीम वर्क और साइबर सुरक्षा जागरूकता का शानदार उदाहरण है। यह न केवल वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित करता है, बल्कि अन्य कंपनियों के लिए भी सीख का अवसर प्रदान करता है कि डिजिटल युग में सतर्क रहना कितना जरूरी है।