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भारत ब्रेस्ट कैंसर स्क्रीनिंग में पीछे, अब सुधार और जागरूकता का मौका

Health  •  👁 10 views  •  21 Jan 2026
भारत ब्रेस्ट कैंसर स्क्रीनिंग में पीछे, अब सुधार और जागरूकता का मौका
हाल ही में किए गए सर्वे और शोधों से पता चला है कि भारत ब्रेस्ट कैंसर स्क्रीनिंग (Breast Cancer Screening) के मामले में कई अन्य देशों की तुलना में पीछे है। महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर की बढ़ती दर के बीच यह चिंता का विषय बन गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर स्क्रीनिंग और जागरूकता से इस बीमारी से होने वाली मृत्यु दर को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

अधिकारियों के अनुसार, भारत में स्क्रीनिंग की कम दर के कई कारण हैं। इनमें जागरूकता की कमी, पर्याप्त स्वास्थ्य केंद्रों की कमी, आर्थिक बाधाएँ और सामाजिक कलंक शामिल हैं। कई महिलाएं लक्षण दिखने पर भी परीक्षण कराने में संकोच करती हैं।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ यह सुझाव दे रहे हैं कि नियमित मैमोग्राफी, सेल्फ-ब्रेस्ट एग्ज़ामिनेशन और डॉक्टर की नियमित जांच से ब्रेस्ट कैंसर का पता शुरुआती चरण में लगाया जा सकता है। शुरुआती पहचान से इलाज की सफलता दर बहुत अधिक होती है।
सरकारी और गैर-सरकारी संस्थाएँ भी अब इस दिशा में पहल कर रही हैं। जागरूकता अभियानों, मोबाइल स्क्रीनिंग कैंप और स्थानीय स्वास्थ्य केंद्रों में प्रशिक्षण के जरिए महिलाओं को स्क्रीनिंग के महत्व के बारे में बताया जा रहा है। इसका उद्देश्य है कि भारत ब्रेस्ट कैंसर स्क्रीनिंग में पिछड़ने की स्थिति को बदलकर, महिलाओं की सुरक्षा और स्वास्थ्य में सुधार लाया जाए।

संक्षेप में, भारत को अब ब्रेस्ट कैंसर स्क्रीनिंग और जागरूकता के क्षेत्र में तेजी से सुधार की आवश्यकता है। यह न केवल महिलाओं की स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करेगा, बल्कि समाज में कैंसर से जुड़ी गलत धारणाओं और भय को भी कम करेगा। समय पर कदम उठाने से लाखों महिलाओं की जिंदगी बचाई जा सकती है।