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मुंबई यूनिवर्सिटी दूसरी यूनिवर्सिटीज़ के सहयोग से मेटा-यूनिवर्सिटी सिस्टम लागू करेगी।

Education  •  👁 17 views  •  18 Jan 2026
मुंबई यूनिवर्सिटी दूसरी यूनिवर्सिटीज़ के सहयोग से मेटा-यूनिवर्सिटी सिस्टम लागू करेगी।
मुंबई यूनिवर्सिटी ने घोषणा की है कि वह मेटा-यूनिवर्सिटी सिस्टम को लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रही है, जिसमें वह राज्य की अन्य यूनिवर्सिटीज़ के साथ सहयोग करेगी ताकि छात्रों को अधिक लचीला, इंटर-डिसिप्लिनरी और समग्र शिक्षा अनुभव मिल सके। यह योजना यूनिवर्सिटी की 170वीं वर्षगांठ के अवसर पर जुलाई 1857 से शुरू होने वाले कार्यक्रमों के भाग के रूप में पेश की गई है।
मेटा-यूनिवर्सिटी का विचार राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत शिक्षा में लचीलापन और सहयोग को बढ़ावा देने के लिए प्रस्तावित किया गया था, लेकिन पहले तकनीकी सीमाओं के कारण इसे लागू नहीं किया जा सका। अब आधुनिक तकनीक और ऑनलाइन / हाइब्रिड शिक्षा तरीकों के साथ यह मॉडल व्यवहारिक रूप से संभव दिखता है।
इसके तहत, छात्र एक ही यूनिवर्सिटी में रहते हुए भी अन्य विश्वविद्यालयों और संस्थानों के कोर्सेज़, रिसोर्सेज़ और विशेषज्ञों से सीख सकेंगे। इसका लक्ष्य यह है कि छात्र केवल एक विषय या एक संस्थान तक सीमित न रहें, बल्कि विभिन्न विषयों और विशेषज्ञताओं को जोड़कर अपने डिग्री प्रोग्राम को स्वयं डिजाइन कर सकें।
मेटा-यूनिवर्सिटी सिस्टम छात्रों को “कैफेटरिया-स्टाइल” लर्निंग का विकल्प देगा, जहाँ वे डिफरेंट यूनिवर्सिटीज़ से कोर्स चुनकर एक व्यक्तिगत और भविष्य-उन्मुख डिग्री बनाने में सक्षम होंगे। इससे शिक्षा अधिक व्यावहारिक, करियर-उन्मुख और रोजगार-योग्य बनेगी।
मुंबई यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. रवीन्द्र कुलकर्णी ने कहा कि इस प्रणाली से न केवल डिसिप्लिनरी सिलोस (एकीकृत विषय सीमाओं) टूटेंगे, बल्कि अनुसंधान, नवाचार और उद्योग-संयुक्त पाठ्यक्रम भी मजबूत होंगे, और छात्रों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनने में मदद मिलेगी।
हालांकि यह अवधारणा अभी प्रारंभिक चरण में है और इसे पूरी तरह लागू होने में 2-3 साल का समय लग सकता है, लेकिन यह इंडिया की उच्च शिक्षा प्रणाली में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है, जो डिजिटल शिक्षा, सहयोग और मल्टी-डिसिप्लिनरी अवसरों पर आधारित होगा।