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“एमजीएनआरईजीए पर छिपा हमला, गरीबों की रोज़ी-रोटी खतरे में”: वीबी-जी रैम जी को लेकर केपी ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना

Politics  •  👁 20 views  •  27 Dec 2025
“एमजीएनआरईजीए पर छिपा हमला, गरीबों की रोज़ी-रोटी खतरे में”: वीबी-जी रैम जी को लेकर केपी ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना
नई दिल्ली:
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (एमजीएनआरईजीए) को लेकर एक बार फिर सियासी घमासान तेज हो गया है। वीबी-जी रैम जी (VB-G RAM Ji) प्रणाली के लागू होने को लेकर केपी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह व्यवस्था दरअसल एमजीएनआरईजीए पर “छिपा हुआ हमला” है, जिससे करोड़ों गरीब और ग्रामीण श्रमिकों की आजीविका खतरे में पड़ सकती है।
केपी ने कहा कि एमजीएनआरईजीए देश की सबसे महत्वपूर्ण सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में से एक है, जो ग्रामीण गरीबों को न्यूनतम आय और सम्मानजनक रोजगार की गारंटी देती है। लेकिन नई डिजिटल और केंद्रीकृत प्रणालियों के नाम पर योजना को जटिल बनाया जा रहा है, जिससे ज़मीनी स्तर पर काम करने वाले मजदूरों को भुगतान, जॉब कार्ड और काम की मंजूरी में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
उनका आरोप है कि वीबी-जी रैम जी जैसी व्यवस्थाएं तकनीकी रूप से भले ही पारदर्शिता के लिए लाई गई हों, लेकिन वास्तव में इसका असर यह हो रहा है कि कई राज्यों में काम रुक रहा है, मजदूरी में देरी हो रही है और पात्र लाभार्थी सिस्टम की खामियों के कारण बाहर हो रहे हैं। केपी ने इसे “गरीब-विरोधी नीति” करार दिया।
उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार लगातार एमजीएनआरईजीए के बजट में कटौती कर रही है और अब तकनीकी शर्तें जोड़कर योजना की पहुंच को सीमित किया जा रहा है। इससे ग्रामीण बेरोज़गारी बढ़ने और पलायन तेज़ होने का खतरा है।
केपी ने मांग की कि केंद्र सरकार एमजीएनआरईजीए को कमजोर करने के बजाय मजबूत करे, वीबी-जी रैम जी जैसी प्रणालियों की समीक्षा करे और यह सुनिश्चित करे कि तकनीक मजदूरों के लिए सहायक बने, न कि बाधा।
अंत में उन्होंने कहा कि यदि समय रहते सुधार नहीं किए गए, तो इसका सीधा असर देश के सबसे गरीब तबके की रोज़ी-रोटी पर पड़ेगा।