The Current Scenario
--:--:-- | Loading...
🔴 हिलसा में महाशिवरात्रि को लेकर ब्रह्माकुमारी बहनों की भव्य चैतन्य शोभायात्रा, नगर हुआ भक्तिमय     🔴 खौफनाक वारदात: पत्नी की हत्या कर खेत में दफनाया शव, ऊपर बो दी गेहूं की फसल; दो महीने बाद खुला राज     🔴 पूर्व केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे पहुँचे स्वामी विवेकानंद अवार्ड सेरेमनी में     🔴 बाँका में DM और SP ने किया EVM/VVPAT वेयर हाउस का औचक निरीक्षण, सुरक्षा व्यवस्था की हुई गहन समीक्षा     🔴 लखीसराय पुलिस ने जारी किया पोस्टर, 14 वर्षीय किशोरी नेहा कुमारी लापता     🔴 मद्य निषेध के तहत बड़ी कार्रवाई, 69 लीटर अवैध शराब बरामद     🔴 दरभंगा में 6 साल की मासूम से दरिंदगी, इलाके में आक्रोश—आरोपी को कड़ी सजा की मांग     🔴 एकरससराय स्थित प्रसिद्ध आंगारी धाम की धर्मशाला जर्जर, हादसे का खतरा बढ़ा     🔴 अहमदाबाद के सेवेंथ डे एडवेंटिस्ट स्कूल में लगातार घटनाएँ, अभिभावकों में गहरी चिंता     🔴 खुदागंज थाना पहुंचा भटकता मिला 8 वर्षीय बालक, स्थानीय लोगों की मदद से पुलिस कर रही पहचान की कोशिश    
accident Airlines Animals Business Crime Economy Education Entertainment Environment Festival Health Inspection International law Local National Nature Politics Research social Social media Sports Technology walfare Weather

बंगाल में SIR विवाद: सिस्टम-ड्रिवन तरीके से लाखों मतदाताओं के नाम कटने की आशंका, EROs की भूमिका कमजोर

Politics  •  👁 10 views  •  27 Dec 2025
बंगाल में SIR विवाद: सिस्टम-ड्रिवन तरीके से लाखों मतदाताओं के नाम कटने की आशंका, EROs की भूमिका कमजोर
कोलकाता:
पश्चिम बंगाल में चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के दौरान मतदाता सूची से बड़े पैमाने पर नाम हटाए जाने को लेकर गंभीर चिंताएँ सामने आई हैं। राज्य के स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों ने आशंका जताई है कि यह प्रक्रिया अब “सिस्टम-ड्रिवन” होती जा रही है, जिसमें इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर्स (ERO) की वैधानिक भूमिका को दरकिनार किया जा रहा है।
अधिकारियों की चेतावनी

पश्चिम बंगाल सिविल सेवा (कार्यकारी) अधिकारियों के संगठन ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) और भारत निर्वाचन आयोग को पत्र लिखकर कहा है कि मतदाताओं के नाम हटाने के लिए नोटिस केंद्रीकृत सॉफ्टवेयर सिस्टम
द्वारा स्वतः जनरेट किए जा रहे हैं, जबकि कानून के अनुसार यह अधिकार ERO के पास होना चाहिए।
चुनाव आयोग का पक्ष

निर्वाचन आयोग का कहना है कि SIR का उद्देश्य मतदाता सूची को शुद्ध करना है और जिन मतदाताओं के रिकॉर्ड में गड़बड़ी है, उन्हें सुनवाई का अवसर दिया जाएगा। आयोग के अनुसार, अंतिम निर्णय सुनवाई प्रक्रिया के बाद ही लिया जाएगा।
राजनीतिक असर
SIR के जरिए बड़े पैमाने पर मतदाता नाम हटाए जाने की आशंका ने बंगाल की राजनीति में हलचल मचा दी है। विपक्षी दलों ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला बताया है, जबकि राज्य के कई इलाकों में आम मतदाता अपने नाम को लेकर अनिश्चितता में हैं।

निष्कर्ष
यदि मतदाता सूची संशोधन की प्रक्रिया में मानवीय हस्तक्षेप और वैधानिक अधिकारियों की भूमिका कमजोर होती है, तो यह लोकतंत्र के लिए गंभीर सवाल खड़े करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि तकनीक सहायक हो सकती है, लेकिन निर्णय लेने वाली नहीं।