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पुणे नगर निगम चुनाव: एनसीपी के साथ गठबंधन वार्ता विफल, एनसीपी (एसपी) ने महा विकास अघाड़ी में वापसी की

Politics  •  👁 20 views  •  27 Dec 2025
पुणे नगर निगम चुनाव: एनसीपी के साथ गठबंधन वार्ता विफल, एनसीपी (एसपी) ने महा विकास अघाड़ी में वापसी की
पुणे — आगामी पुणे नगर निगम (PMC) चुनाव को लेकर राष्ट्रीय चिंता का विषय बन चुकी राजनीतिक गठजोड़ की गुत्थी शुक्रवार को और जटिल हो गई। अजित पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी और शरद पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी (एसपी) के बीच गठबंधन की संभावित वार्ता निराशाजनक रूप से फेल हो गई, जिसके बाद शरद पवार गुट ने महा विकास अघाड़ी (MVA) में वापसी करने का निर्णय लिया है।
दोनों पक्षों के बीच चर्चा का मुख्य केंद्र सीट-बंटवारे और चुनाव प्रतीक था। अजित पवार के गुट ने सीमित सीटों की पेशकश करते हुए ‘घड़ी’ प्रतीक के तहत लड़ने की शर्त रखी, जिसे शरद पवार गुट ने ठुकरा दिया। इस असहमति के कारण बातचीत में प्रगति नहीं हो पाई और दोनों गुटों ने अलग-अलग मोर्चों पर चुनाव लड़ने का मार्ग अपनाया।
शरद पवार गुट ने महा विकास अघाड़ी (MVA) — जिसमें कांग्रेस और शिवसेना (उद्धव गुट) शामिल हैं — के साथ चुनाव लड़ने का निर्णय लिया है। इस फैसले को स्थानीय राजनीतिक माहौल बदलने वाला कहा जा रहा है, क्योंकि लंबे समय से दोनों एनसीपी गुटों के बीच अलग-अलग चुनावी समीकरण बनते रहे हैं।
इस राजनीतिक गतिरोध के बीच, पुणे नगर निगम चुनाव 15 जनवरी, 2026 को होने हैं, जिसमें कुल 41 वार्डों और 165 पार्षदों के लिए मतदान होगा। विपक्षी दलों की रणनीतियाँ अब नई स्थिति के अनुसार ढल रही हैं, जिसमें कुछ पार्टियाँ आज़ाद उम्मीदवार उतारने पर विचार कर रही हैं, तो कुछ वैकल्पिक गठबंधन खोजने में लगी हैं।
राजनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार, यह तमाशा महाराष्ट्र की सियासत में महा विकास अघाड़ी और महायुति के बीच तीखे मुकाबले का संकेत है। एनसीपी के अलग-अलग गुटों का अपना दम पर चुनाव लड़ना भी वोट विभाजन और स्थानीय समीकरणों को प्रभावित कर सकता है। चुनाव नज़दीक आते ही पार्टियों की चालों और रणनीतियों में और बदलाव देखने को मिल सकता है।