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कोलकाता से गोवा तक: कैसे 2,742 करोड़ रुपये के कोयला घोटाले के फंड ने कथित तौर पर I-PAC की चुनावी मशीन को चलाया

Politics   •   👁 16 views   •   10 Jan 2026
कोलकाता से गोवा तक: कैसे 2,742 करोड़ रुपये के कोयला घोटाले के फंड ने कथित तौर पर I-PAC की चुनावी मशीन को चलाया
देश की राजनीति में एक बार फिर चुनावी रणनीति और कथित घोटालों के रिश्ते पर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) और अन्य जांच एजेंसियों के सूत्रों के हवाले से सामने आ रही रिपोर्टों के मुताबिक, पश्चिम बंगाल के चर्चित 2,742 करोड़ रुपये के कोयला घोटाले से जुड़े फंड का इस्तेमाल कथित तौर पर देश के अलग-अलग राज्यों में चुनावी अभियानों को प्रभावित करने के लिए किया गया।
सूत्रों का दावा है कि इस पैसे का एक हिस्सा कोलकाता से निकलकर गोवा, त्रिपुरा और अन्य राज्यों तक पहुंचा, जहां इसका उपयोग चुनावी रणनीति, डेटा एनालिटिक्स, ग्राउंड मैनेजमेंट और प्रचार अभियानों में किया गया। आरोपों के केंद्र में राजनीतिक रणनीतिकारों की टीम I-PAC (इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी) का नाम भी सामने आ रहा है, हालांकि I-PAC की ओर से इन आरोपों को लेकर आधिकारिक सफाई या इनकार समय-समय पर किया गया है।
जांच एजेंसियों के अनुसार, कथित तौर पर कोयला तस्करी से जुड़े नेटवर्क ने शेल कंपनियों, हवाला चैनलों और फर्जी बिलिंग के जरिए भारी मात्रा में धन इकट्ठा किया। यही फंड बाद में चुनावी अभियानों में खर्च किया गया, ताकि राज्यों में राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित किया जा सके। बताया जा रहा है कि डिजिटल कैंपेन, सर्वे, सोशल मीडिया मैनेजमेंट और जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं की तैनाती में बड़ी रकम झोंकी गई।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि ये आरोप साबित होते हैं, तो यह मामला सिर्फ एक आर्थिक घोटाले तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि भारत की चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर भी गंभीर सवाल खड़े करेगा। वहीं, विपक्ष इसे “लोकतंत्र को पैसे से मैनेज करने की साजिश” बता रहा है, जबकि संबंधित पक्ष इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई करार दे रहे हैं।
फिलहाल जांच जारी है और सच्चाई अदालत के फैसलों और जांच एजेंसियों की अंतिम रिपोर्ट पर निर्भर करेगी। लेकिन इतना तय है कि कोलकाता से गोवा तक फैला यह कथित नेटवर्क आने वाले समय में देश की राजनीति में बड़ी बहस का कारण बनने वाला है।