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'लिमिटेड स्पेशलाइजेशन, इंटर्नशिप की कमी': MTech में भागीदारी कम होने पर IIT काउंसिल ने जायजा लिया

Education  •  👁 13 views  •  09 Jan 2026
'लिमिटेड स्पेशलाइजेशन, इंटर्नशिप की कमी': MTech में भागीदारी कम होने पर IIT काउंसिल ने जायजा लिया
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (IITs) के IIT काउंसिल ने हाल ही में MTech (मास्टर्स ऑफ़ टेक्नोलॉजी) कार्यक्रमों में भागीदारी कम होने की चिंता जताई है और इसकी वजहों का विस्तार से जायजा लिया है। परिषद की मीटिंग में यह माना गया कि MTech को चुनने वाले छात्रों की संख्या घटने के पीछे कुछ प्रमुख कारक हैं, जिनमें सीमित विशेषीकरण विकल्प (specialisations) और इंटर्नशिप की कमी प्रमुख हैं।
IIT काउंसिल के अनुसार, कई एमटेक प्रोग्राम अब भी पारंपरिक विषयों और औपचारिक संरचना पर आधारित हैं, जिनमें आज के उद्योग और तकनीकी उभरते क्षेत्रों के अनुरूप विविध और आधुनिक स्पेशलाइजेशन विकल्पों की कमी है। इससे बीटेक (BTech) पास आउट छात्रों की रुचि एमटेक में कम हो रही है।
दूसरा महत्वपूर्ण मुद्दा यह है कि भारतीय MTech कार्यक्रमों में उद्योग-आधारित इंटर्नशिप या उद्योग अनुभव के अवसर पर्याप्त रूप से शामिल नहीं हैं, जबकि वैश्विक स्तर पर यह postgraduate पाठ्यक्रमों का अनिवार्य हिस्सा होते हैं। इससे छात्रों को व्यावहारिक अनुभव नहीं मिलता, जो उन्हें न केवल बेहतर रोजगार के अवसर देता है बल्कि शोध और विकास कार्यों में भी सक्षम बनाता है।
समिति ने प्रस्ताव रखा है कि भविष्य में इंडस्ट्री-इंटर्नशिप को अनिवार्य रूप से MTech पाठ्यक्रमों का हिस्सा बनाया जाए। इसके अलावा एक ‘डुअल-ट्रैक’ मॉडल पर भी विचार किया जा रहा है — जिसमें एक ट्रैक उद्योग साक्षात्कार और आवेदन-केंद्रित होगा, जबकि दूसरा शोध-उन्मुख होगा। इससे छात्रों को अपनी रुचि के अनुसार मार्ग चुनने में मदद मिलेगी।
IIT काउंसिल ने निर्देश दिया है कि अगले 12 महीनों में सभी IITs अपने MTech पाठ्यक्रमों को नए ढांचे के अनुरूप संशोधित करें और उद्योग तथा अनुसंधान के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करें। यह कदम न सिर्फ एमटेक कार्यक्रमों की बढ़ती लोकप्रियता में योगदान देगा, बल्कि छात्रों को बेहतर रोजगार और शोध-आधारित करियर अवसर भी प्रदान करेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इन सुधारों को समय से लागू किया जाता है, तो भारत में postgraduate तकनीकी शिक्षा की स्थिति और एमटेक शिक्षा की महत्ता दोनों में सुधार संभव है।