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एयर प्यूरीफायर पर GST घटाने की याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट का हस्तक्षेप संविधान की मूल संरचना का उल्लंघन होगा: केंद्र सरकार

Politics  •  👁 15 views  •  26 Dec 2025
एयर प्यूरीफायर पर GST घटाने की याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट का हस्तक्षेप संविधान की मूल संरचना का उल्लंघन होगा: केंद्र सरकार
नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने दिल्ली हाईकोर्ट में स्पष्ट किया है कि एयर प्यूरीफायर पर GST दर घटाने से संबंधित याचिका में अदालत का हस्तक्षेप संविधान की मूल संरचना (Basic Structure of Constitution) का उल्लंघन होगा। केंद्र का कहना है कि कर नीति तय करना न्यायपालिका का नहीं, बल्कि विधायिका और कार्यपालिका का अधिकार क्षेत्र है।

सरकार ने दलील दी कि GST दरों का निर्धारण GST काउंसिल के माध्यम से किया जाता है, जिसमें केंद्र और राज्य दोनों की सहमति शामिल होती है। ऐसे में किसी विशेष उत्पाद, जैसे कि एयर प्यूरीफायर, पर टैक्स कम करने का निर्देश देना शक्तियों के पृथक्करण (Separation of Powers) के सिद्धांत के खिलाफ होगा, जो भारतीय संविधान की मूल संरचना का अहम हिस्सा है।

केंद्र सरकार ने यह भी कहा कि एयर प्यूरीफायर को आवश्यक वस्तु घोषित करना या उस पर टैक्स में राहत देना एक नीतिगत निर्णय है। अदालतें नीतिगत मामलों में तब तक हस्तक्षेप नहीं कर सकतीं, जब तक कि कोई निर्णय असंवैधानिक या मनमाना न हो।

याचिकाकर्ता की ओर से यह तर्क दिया गया है कि दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए एयर प्यूरीफायर एक स्वास्थ्य से जुड़ा आवश्यक उपकरण बन चुका है, इसलिए उस पर लगने वाली ऊंची GST दर आम लोगों के लिए बोझ है।

हालांकि, केंद्र ने दोहराया कि स्वास्थ्य और पर्यावरण से जुड़े मुद्दों पर सरकार पहले से कई योजनाओं और नीतियों पर काम कर रही है, लेकिन टैक्स में बदलाव केवल GST काउंसिल के संवैधानिक ढांचे के तहत ही संभव है।

अब इस मामले में दिल्ली हाईकोर्ट यह तय करेगा कि क्या एयर प्यूरीफायर पर GST कटौती का मामला न्यायिक समीक्षा के दायरे में आता है या नहीं।