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ट्रम्प के आदेश के बाद अमेरिका ने भारत में हेडक्वार्टर वाले इंटरनेशनल सोलर अलायंस को छोड़ा: जानने लायक बातें

International  •  👁 17 views  •  08 Jan 2026
ट्रम्प के आदेश के बाद अमेरिका ने भारत में हेडक्वार्टर वाले इंटरनेशनल सोलर अलायंस को छोड़ा: जानने लायक बातें
अमेरिका ने भारत में मुख्यालय वाले इंटरनेशनल सोलर अलायंस (ISA) से खुद को अलग कर लिया है। यह फैसला पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के उस कार्यकारी आदेश के बाद लिया गया, जिसमें अमेरिका को कुछ अंतरराष्ट्रीय जलवायु और बहुपक्षीय पहलों से बाहर निकलने का निर्देश दिया गया था। यह कदम वैश्विक जलवायु सहयोग और भारत-अमेरिका संबंधों के संदर्भ में अहम माना जा रहा है।
इंटरनेशनल सोलर अलायंस की स्थापना वर्ष 2015 में भारत और फ्रांस की पहल पर की गई थी। इसका उद्देश्य सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देना, खासकर उन देशों में जो कर्क और मकर रेखा के बीच स्थित हैं। ISA का मुख्यालय गुरुग्राम, हरियाणा में है और इसमें 100 से अधिक देश सदस्य हैं। अमेरिका ने वर्ष 2021 में इस गठबंधन में शामिल होकर स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में वैश्विक सहयोग का समर्थन किया था।
हालांकि, ट्रम्प प्रशासन के दौरान “अमेरिका फर्स्ट” नीति के तहत कई अंतरराष्ट्रीय जलवायु समझौतों और संगठनों से दूरी बनाई गई। इसी क्रम में अमेरिका ने इंटरनेशनल सोलर अलायंस से बाहर निकलने का फैसला किया। ट्रम्प प्रशासन का तर्क रहा कि ऐसे बहुपक्षीय मंच अमेरिकी आर्थिक हितों पर बोझ डालते हैं और देश की संप्रभुता को प्रभावित करते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका के इस कदम से ISA की कार्यप्रणाली पर तत्काल बड़ा असर नहीं पड़ेगा, क्योंकि गठबंधन को भारत और फ्रांस का मजबूत समर्थन प्राप्त है। फिर भी, अमेरिका जैसे बड़े आर्थिक और तकनीकी शक्ति वाले देश का बाहर जाना वैश्विक सौर ऊर्जा सहयोग के लिए एक झटका माना जा सकता है।
भारत के लिए यह घटनाक्रम कूटनीतिक और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है। भारत लगातार नवीकरणीय ऊर्जा में वैश्विक नेतृत्व की भूमिका निभाने की कोशिश कर रहा है। आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि भविष्य की अमेरिकी सरकारें ISA में दोबारा शामिल होने पर क्या रुख अपनाती हैं। कुल मिलाकर, यह फैसला वैश्विक जलवायु राजनीति में बदलते रुझानों को दर्शाता है।