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पीएम मोदी ने ‘द लाइट एंड द लोटस’ का उद्घाटन किया: 127 साल बाद पिपरहवा के रत्नों का ऐतिहासिक भारत आगमन

Politics  •  👁 10 views  •  03 Jan 2026
पीएम मोदी ने ‘द लाइट एंड द लोटस’ का उद्घाटन किया: 127 साल बाद पिपरहवा के रत्नों का ऐतिहासिक भारत आगमन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में आयोजित एक विशेष समारोह में ‘द लाइट एंड द लोटस’ प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। इस अवसर पर 127 वर्षों बाद पिपरहवा के ऐतिहासिक रत्नों का भारत लौटना देश की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण माना जा रहा है। ये रत्न भगवान बुद्ध से जुड़े अवशेषों के साथ खोजे गए थे और लंबे समय तक विदेशों में रखे गए थे।
पिपरहवा (वर्तमान उत्तर प्रदेश) में वर्ष 1898 में खुदाई के दौरान ये रत्न और अवशेष प्राप्त हुए थे। माना जाता है कि ये बौद्ध इतिहास और मौर्य काल से गहराई से जुड़े हैं। उस समय ब्रिटिश शासन के दौरान इन्हें भारत से बाहर ले जाया गया था। अब एक सदी से अधिक समय बाद इनका स्वदेश लौटना भारत की सांस्कृतिक पुनर्प्राप्ति की दिशा में बड़ा कदम है।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि यह केवल रत्नों की वापसी नहीं, बल्कि भारत की आत्मा, आस्था और विरासत की वापसी है। उन्होंने इसे भारत की “सॉफ्ट पावर” और वैश्विक सांस्कृतिक प्रभाव का प्रतीक बताया। पीएम मोदी ने यह भी कहा कि भारत अपनी विरासत को सहेजने और दुनिया के सामने गर्व से प्रस्तुत करने के लिए प्रतिबद्ध है।
‘द लाइट एंड द लोटस’ प्रदर्शनी के माध्यम से बौद्ध धर्म, भगवान बुद्ध के जीवन और भारत की प्राचीन कला परंपरा को दर्शाया गया है। इसमें पिपरहवा के रत्नों के साथ अन्य दुर्लभ कलाकृतियाँ भी प्रदर्शित की गई हैं, जो भारत के आध्यात्मिक और ऐतिहासिक महत्व को रेखांकित करती हैं।
इतिहासकारों और सांस्कृतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल आने वाली पीढ़ियों को भारत के गौरवशाली अतीत से जोड़ने में मदद करेगी। साथ ही, यह कदम भारत की सांस्कृतिक कूटनीति को भी नई मजबूती प्रदान करता है।