The Current Scenario
--:--:-- | Loading...
🔴 हिलसा में महाशिवरात्रि को लेकर ब्रह्माकुमारी बहनों की भव्य चैतन्य शोभायात्रा, नगर हुआ भक्तिमय     🔴 खौफनाक वारदात: पत्नी की हत्या कर खेत में दफनाया शव, ऊपर बो दी गेहूं की फसल; दो महीने बाद खुला राज     🔴 पूर्व केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे पहुँचे स्वामी विवेकानंद अवार्ड सेरेमनी में     🔴 बाँका में DM और SP ने किया EVM/VVPAT वेयर हाउस का औचक निरीक्षण, सुरक्षा व्यवस्था की हुई गहन समीक्षा     🔴 लखीसराय पुलिस ने जारी किया पोस्टर, 14 वर्षीय किशोरी नेहा कुमारी लापता     🔴 मद्य निषेध के तहत बड़ी कार्रवाई, 69 लीटर अवैध शराब बरामद     🔴 दरभंगा में 6 साल की मासूम से दरिंदगी, इलाके में आक्रोश—आरोपी को कड़ी सजा की मांग     🔴 एकरससराय स्थित प्रसिद्ध आंगारी धाम की धर्मशाला जर्जर, हादसे का खतरा बढ़ा     🔴 अहमदाबाद के सेवेंथ डे एडवेंटिस्ट स्कूल में लगातार घटनाएँ, अभिभावकों में गहरी चिंता     🔴 खुदागंज थाना पहुंचा भटकता मिला 8 वर्षीय बालक, स्थानीय लोगों की मदद से पुलिस कर रही पहचान की कोशिश    
accident Airlines Animals Business Crime Economy Education Entertainment Environment Festival Health Inspection International law Local National Nature Politics Research social Social media Sports Technology walfare Weather

‘न तो नैनी, न ही घरेलू नौकरानी’: शहरी भारत होम मैनेजर के लिए हर महीने ₹1 लाख क्यों दे रहा है

social  •  👁 9 views  •  06 Feb 2026
‘न तो नैनी, न ही घरेलू नौकरानी’: शहरी भारत होम मैनेजर के लिए हर महीने ₹1 लाख क्यों दे रहा है
शहरी भारत में घर की जिम्मेदारियों को संभालने का तरीका बदल रहा है। अब पारंपरिक नैनी या घरेलू नौकरानी की जगह, प्रोफेशनल होम मैनेजर की मांग तेजी से बढ़ रही है। बड़े शहरों में फैमिली और वर्क-लाइफ बैलेंस की चुनौती ने कई घरों को हर महीने ₹1 लाख तक भुगतान करने वाले होम मैनेजर रखने पर मजबूर कर दिया है।
होम मैनेजर सिर्फ घर की सफाई या बच्चों की देखभाल नहीं करते, बल्कि वे खरीदारी, बिल भुगतान, घरेलू बजट मैनेजमेंट, रसोई प्रबंधन और समय-सारणी की देखभाल जैसी जिम्मेदारियां भी निभाते हैं। शहरी परिवार, खासकर दोनों पैरेंट्स कामकाजी होने के कारण, इन पेशेवर सेवाओं को प्राथमिकता दे रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह प्रवृत्ति शहरी जीवनशैली, बढ़ती आमदनी और व्यस्त जीवन का परिणाम है। पारंपरिक नौकरानी की तुलना में होम मैनेजर अधिक प्रशिक्षित, भरोसेमंद और पेशेवर होते हैं। वे परिवार की गोपनीयता का सम्मान करते हैं और घर के कामकाज को वैज्ञानिक तरीके से संभालते हैं।
डेटा से पता चलता है कि मुंबई, बेंगलुरु और दिल्ली जैसे शहरों में हर महीने ₹80,000 से ₹1.2 लाख तक वेतन पर होम मैनेजर की नियुक्ति हो रही है। इसका कारण केवल कामकाज की दक्षता नहीं, बल्कि सुरक्षा, विश्वसनीयता और जीवन की गुणवत्ता बढ़ाना भी है।
कुल मिलाकर, शहरी भारत में होम मैनेजर की बढ़ती मांग यह दर्शाती है कि परिवार अब सिर्फ समय बचाने के लिए नहीं, बल्कि घर की सही मैनेजमेंट और जीवन स्तर सुधारने के लिए पेशेवर सेवाओं को अपनाते हैं।