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‘सरकार में शामिल होने के नतीजों की ज़िम्मेदारी लें नेमचा किपगेन’: कुकी-ज़ो काउंसिल का मणिपुर डिप्टी सीएम पर बयान

Politics  •  👁 6 views  •  05 Feb 2026
‘सरकार में शामिल होने के नतीजों की ज़िम्मेदारी लें नेमचा किपगेन’: कुकी-ज़ो काउंसिल का मणिपुर डिप्टी सीएम पर बयान
मणिपुर में जारी जातीय तनाव के बीच कुकी-ज़ो काउंसिल (KZC) ने राज्य की डिप्टी मुख्यमंत्री नेमचा किपगेन को लेकर कड़ा बयान दिया है। काउंसिल ने कहा है कि नेमचा किपगेन को सरकार में शामिल होने के फैसले के राजनीतिक और सामाजिक नतीजों की ज़िम्मेदारी लेनी होगी।
कुकी-ज़ो काउंसिल का कहना है कि मौजूदा हालात में सरकार का हिस्सा बने रहना कुकी-ज़ो समुदाय की भावनाओं और जमीनी हकीकत के विपरीत है। बयान में कहा गया कि जब समुदाय के लोग अब भी असुरक्षा, विस्थापन और भरोसे की कमी से जूझ रहे हैं, तब सत्ता में बने रहना गंभीर सवाल खड़े करता है।
KZC ने यह भी आरोप लगाया कि राज्य सरकार अब तक कुकी-ज़ो इलाकों में सुरक्षा, पुनर्वास और न्याय को लेकर ठोस कदम उठाने में विफल रही है। ऐसे में डिप्टी सीएम का सरकार में बने रहना समुदाय के भीतर असंतोष को और बढ़ा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह बयान मणिपुर की सियासत में आंतरिक दबाव और जातीय राजनीति को और तेज कर सकता है। नेमचा किपगेन राज्य की प्रमुख कुकी नेताओं में से एक हैं और उनका सरकार में होना पहले से ही एक संवेदनशील मुद्दा रहा है।
विशेषज्ञ मानते हैं कि मणिपुर में शांति बहाली के लिए केवल प्रशासनिक फैसले पर्याप्त नहीं होंगे। इसके लिए राजनीतिक जवाबदेही, पारदर्शी संवाद और समुदायों के बीच भरोसा बहाल करना जरूरी है।
कुकी-ज़ो काउंसिल का यह बयान ऐसे समय आया है जब मणिपुर में हालात भले ही अपेक्षाकृत शांत दिख रहे हों, लेकिन जातीय दरारें अब भी गहरी बनी हुई हैं। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि नेमचा किपगेन और राज्य सरकार इस दबाव पर क्या रुख अपनाती है।