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START के अंत के बाद सवाल बड़ा: क्या अमेरिका और रूस के बीच नई हथियारों की होड़ शुरू होगी?

International  •  👁 8 views  •  05 Feb 2026
START के अंत के बाद सवाल बड़ा: क्या अमेरिका और रूस के बीच नई हथियारों की होड़ शुरू होगी?
START (Strategic Arms Reduction Treaty) व्यवस्था के प्रभावी तौर पर खत्म हो जाने के बाद वैश्विक सुरक्षा को लेकर एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया है—क्या अब अमेरिका और रूस के बीच हथियारों की नई होड़ शुरू होगी? शीत युद्ध के बाद पहली बार दोनों परमाणु महाशक्तियाँ बिना किसी सक्रिय हथियार नियंत्रण समझौते के आमने-सामने हैं।
START और उसके बाद आए New START समझौतों का मकसद था दोनों देशों के तैनात परमाणु हथियारों की संख्या सीमित रखना, पारदर्शिता बनाए रखना और निरीक्षण के जरिए भरोसा कायम करना। लेकिन राजनीतिक तनाव, यूक्रेन युद्ध और आपसी अविश्वास के चलते यह ढांचा कमजोर पड़ता गया।
विशेषज्ञों का मानना है कि समझौते के खत्म होने का सबसे बड़ा खतरा है असंतुलित हथियार विस्तार। अब दोनों देश बिना किसी कानूनी बाध्यता के अपने परमाणु वॉरहेड्स और डिलीवरी सिस्टम बढ़ा सकते हैं। इससे न केवल अमेरिका-रूस संबंध और खराब होंगे, बल्कि वैश्विक परमाणु स्थिरता भी खतरे में पड़ सकती है।
हालांकि, कुछ विश्लेषक यह भी कहते हैं कि सीधी और अंधाधुंध हथियारों की दौड़ तुरंत शुरू होना तय नहीं है। परमाणु हथियार बेहद महंगे हैं और दोनों देशों की प्राथमिकताएं—अर्थव्यवस्था, क्षेत्रीय युद्ध और घरेलू राजनीति—भी अहम भूमिका निभाती हैं। लेकिन पारदर्शिता और निरीक्षण तंत्र के बिना गलतफहमी का जोखिम जरूर बढ़ गया है।
एक और चिंता यह है कि START के बाद का खालीपन चीन जैसे अन्य परमाणु देशों को भी अपने हथियार बढ़ाने के लिए प्रेरित कर सकता है, जिससे बहुपक्षीय हथियारों की होड़ शुरू होने का खतरा है।
कुल मिलाकर, START के खत्म होने से दुनिया एक अधिक अस्थिर और अनिश्चित दौर में प्रवेश कर रही है। अगर अमेरिका और रूस के बीच कोई नया हथियार नियंत्रण ढांचा नहीं बनता, तो आने वाले साल वैश्विक सुरक्षा के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं।