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भगवंत मान की राधा स्वामी सत्संग ब्यास प्रमुख पर कटाक्ष से सियासी तूफान, AAP में असंतोष उभरता गया

Politics   •   👁 25 views   •   05 Feb 2026
भगवंत मान की राधा स्वामी सत्संग ब्यास प्रमुख पर कटाक्ष से सियासी तूफान, AAP में असंतोष उभरता गया
Punjab के मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा राधा स्वामी सत्संग ब्यास के प्रमुख गुरिंदर सिंह ढिल्लों पर सोशल मीडिया पर किए गए एक संकेतात्मक (cryptic) कटाक्ष ने राजनीतिक हलचल तेज कर दी है और AAP (आम आदमी पार्टी) के भीतर बेचैनी को उजागर कर दिया है।
मामला तब तूल पकड़ गया जब ढिल्लों ने Shiromani Akali Dal (SAD) नेता बिक्रम सिंह मजीठिया से नाभा जेल में मुलाकात के बाद कहा कि उन पर लगे आरोप “गलत और आधारहीन” हैं। इसके अगले दिन मान ने अपने X (पूर्व Twitter) पोस्ट में बिना नाम लिए लिखा कि “जब अंडरट्रायल से मिलने वाले लोग खुद न्यायाधीश बनने लगेंगे तो केवल भगवान ही अदालतों को बचा सकता है।” इस टिप्पणी को ढिल्लों पर तंज के रूप में देखा गया है।
इस सोशल मीडिया पोस्ट के बाद विपक्षी दलों ने वार करना शुरू कर दिया। भाजपा और कांग्रेस ने दोनों ने मान की टिप्पणी की आलोचना करते हुए कहा कि इससे धार्मिक संस्थाओं और प्रमुख संतों के प्रति सम्मान को ठेस पहुंची है। कांग्रेस के प्रताप सिंह बाजवा ने AAP से स्पष्ट करने को कहा कि क्या यह टिप्पणी पार्टी की आधिकारिक राय है या मान की व्यक्तिगत राय। उन्होंने कहा कि ऐसे बयानों से पंजाब की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक भावना को चोट पहुँचती है।
AAP के भीतर भी असहमति की स्थिति दिख रही है। पार्टी नेतृत्व के कुछ सदस्यों ने मान के बयान से दूरी बनाते हुए इसे व्यक्तिगत टिप्पणी कहा। पंजाब के AAP अध्यक्ष अमन अरोड़ा ने ढिल्लों का सम्मान जताया और कहा कि ऐसी टिप्पणियाँ राजनीति को जटिल बनाती हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यह विवाद न सिर्फ मान और AAP के लिए एक चुनौतिपूर्ण स्थिति बन गया है, बल्कि पार्टी के लिए धार्मिक संगठनों और अनुयायियों के बीच नोक‑झोंक का कारण भी बन सकता है। राधा स्वामी सत्संग ब्यास का व्यापक समर्थन है और किसी भी नाराजगी का राजनीतिक प्रभाव देखने को मिल सकता है।
यह मामला धर्म‑राजनीति के संवेदनशील मोड़ पर है और आगे किस दिशा में जाता है, यह पंजाब की सियासत के लिए महत्वपूर्ण रहेगा।