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लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर प्रधानमंत्री के जवाब के बिना पारित हुआ धन्यवाद प्रस्ताव

Politics  •  👁 8 views  •  05 Feb 2026
लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर प्रधानमंत्री के जवाब के बिना पारित हुआ धन्यवाद प्रस्ताव
लोकसभा ने हाल ही में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के बाद धन्यवाद प्रस्ताव को पारित किया, लेकिन इसमें एक असामान्य स्थिति देखने को मिली। आमतौर पर राष्ट्रपति के अभिभाषण के बाद प्रधानमंत्री या उनके प्रतिनिधि का जवाब लेना अनिवार्य माना जाता है। हालांकि, इस बार प्रधानमंत्री ने कोई जवाब नहीं दिया और इसके बावजूद धन्यवाद प्रस्ताव को पारित कर दिया गया।
राष्ट्रपति का अभिभाषण भारतीय संविधान के अनुच्छेद 87 के तहत संसद के समक्ष सरकार की नीतियों और योजनाओं की जानकारी देने के लिए होता है। यह अभिभाषण आने वाले वित्तीय और राजनीतिक वर्ष के लिए दिशा-निर्देशों का संकेत भी देता है। धन्यवाद प्रस्ताव का उद्देश्य संसद में राष्ट्रपति के अभिभाषण में उठाए गए मुद्दों पर चर्चा करना और उनके प्रति आभार व्यक्त करना होता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री के जवाब के बिना धन्यवाद प्रस्ताव का पारित होना असामान्य घटना है, क्योंकि इससे यह संकेत मिलता है कि सरकार ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं दी। यह स्थिति विपक्षी दलों और राजनीतिक विश्लेषकों के लिए भी चर्चा का विषय बन गई है।
संसद में यह कदम यह दर्शाता है कि संसद के निर्णय प्रक्रिया में नियमों और प्रथाओं के पालन में कभी-कभी लचीलापन देखने को मिल सकता है। इसके अलावा, यह घटना लोकतांत्रिक प्रक्रिया में अलग दृष्टिकोण और राजनीतिक रणनीतियों का भी उदाहरण है।
इस प्रकार, लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का पारित होना, बिना प्रधानमंत्री के जवाब के, राजनीतिक और संसदीय प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण और असामान्य कदम के रूप में दर्ज किया गया है।