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NCP चौराहे पर, मराठा राजनीति में उथल-पुथल: क्या BJP को होगा सीधा फायदा?

Politics  •  👁 4 views  •  05 Feb 2026
NCP चौराहे पर, मराठा राजनीति में उथल-पुथल: क्या BJP को होगा सीधा फायदा?
महाराष्ट्र की राजनीति एक बार फिर बड़े मोड़ पर खड़ी है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के भीतर जारी खींचतान और मराठा राजनीति में बढ़ती उथल-पुथल ने राज्य के सियासी समीकरणों को हिला कर रख दिया है। सवाल यही है कि इस राजनीतिक अस्थिरता का सबसे बड़ा लाभ किसे मिलेगा—क्या BJP इसका फायदा उठा पाएगी?
NCP लंबे समय से मराठा वोट बैंक की अहम राजनीतिक ताकत रही है। लेकिन पार्टी में नेतृत्व को लेकर मतभेद, गुटबाज़ी और वैचारिक असमंजस ने उसकी पकड़ कमजोर की है। इसका सीधा असर मराठा समाज की राजनीतिक दिशा पर पड़ता दिख रहा है। मराठा आरक्षण, कृषि संकट और ग्रामीण अर्थव्यवस्था जैसे मुद्दों पर एकजुट नेतृत्व की कमी साफ महसूस की जा रही है।
दूसरी ओर, BJP इस हालात पर बारीकी से नजर बनाए हुए है। पार्टी लगातार यह संकेत दे रही है कि वह मराठा समाज के मुद्दों को गंभीरता से समझती है और स्थिर सरकार दे सकती है। हाल के वर्षों में BJP ने स्थानीय नेतृत्व, सामाजिक संगठनों से संवाद और विकास के एजेंडे के जरिए मराठा समुदाय में अपनी स्वीकार्यता बढ़ाने की कोशिश की है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर NCP की अंदरूनी कलह लंबे समय तक जारी रहती है, तो इसका फायदा BJP को मिल सकता है—या तो सीधे वोट ट्रांसफर के रूप में या गठबंधन राजनीति में बढ़त के रूप में। हालांकि, मराठा वोट बैंक पारंपरिक रूप से किसी एक पार्टी का स्थायी समर्थक नहीं रहा है और वह अक्सर परिस्थितियों और मुद्दों के आधार पर फैसला करता है।
फिलहाल, NCP के लिए यह आत्ममंथन का समय है, जबकि BJP के लिए अवसर की खिड़की खुलती दिख रही है। आने वाले चुनाव यह तय करेंगे कि मराठा राजनीति की यह उथल-पुथल सत्ता का संतुलन किस ओर झुकाती है।