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‘राहुल गांधी अपनी स्पीच में कभी मुस्लिम शब्द का इस्तेमाल नहीं करते’: कांग्रेस की ‘चुप्पी’ से क्यों असहज हैं कुछ अल्पसंख्यक नेता?

Politics  •  👁 13 views  •  31 Jan 2026
‘राहुल गांधी अपनी स्पीच में कभी मुस्लिम शब्द का इस्तेमाल नहीं करते’: कांग्रेस की ‘चुप्पी’ से क्यों असहज हैं कुछ अल्पसंख्यक नेता?
कांग्रेस पार्टी के भीतर एक बार फिर अल्पसंख्यक प्रतिनिधित्व और राजनीतिक भाषा को लेकर असंतोष की आवाज़ें उठने लगी हैं। पार्टी से जुड़े कुछ मुस्लिम नेताओं का कहना है कि राहुल गांधी अपनी सार्वजनिक भाषणों में ‘मुस्लिम’ शब्द का सीधे तौर पर इस्तेमाल करने से बचते हैं, जिससे समुदाय के भीतर असहजता और भ्रम पैदा हो रहा है।
इन नेताओं का मानना है कि राहुल गांधी संविधान, समानता और सामाजिक न्याय की बात तो करते हैं, लेकिन जब अल्पसंख्यकों—खासतौर पर मुसलमानों—से जुड़े मुद्दों पर खुलकर नाम लेकर बात नहीं होती, तो पार्टी की मंशा पर सवाल उठते हैं। उनका कहना है कि मौजूदा राजनीतिक माहौल में “इन्क्लूसिव भाषा” के साथ-साथ स्पष्ट राजनीतिक स्टैंड भी जरूरी है।
सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस नेतृत्व की रणनीति यह रही है कि वह किसी एक समुदाय को अलग से संबोधित करने के बजाय सभी वर्गों को साथ लेकर चलने वाला नैरेटिव बनाए। राहुल गांधी अक्सर बेरोज़गारी, महंगाई, संविधान और लोकतंत्र जैसे मुद्दों को केंद्र में रखते हैं और धार्मिक पहचान से ऊपर नागरिक अधिकारों की बात करते हैं।
हालांकि, पार्टी के भीतर कुछ अल्पसंख्यक नेताओं का तर्क है कि यह रणनीति जमीनी राजनीति में उलझन पैदा कर रही है। उनका कहना है कि जब मुस्लिम समुदाय से जुड़े सवाल—जैसे सुरक्षा, प्रतिनिधित्व या सामाजिक भेदभाव—सीधे नाम लेकर नहीं उठाए जाते, तो कार्यकर्ताओं को जवाब देने में कठिनाई होती है।
वहीं, कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि पार्टी की सोच “पहचान आधारित राजनीति” से आगे बढ़कर संवैधानिक मूल्यों और साझा नागरिकता पर आधारित है। उनके मुताबिक, राहुल गांधी जानबूझकर ऐसी भाषा अपनाते हैं, जिससे समाज में और ध्रुवीकरण न हो।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बहस कांग्रेस के भीतर चल रहे उस संतुलन को दर्शाती है, जहां एक तरफ पार्टी व्यापक मतदाता वर्ग को साधना चाहती है, तो दूसरी ओर अपने पारंपरिक अल्पसंख्यक समर्थन को भी बनाए रखना चाहती है। आने वाले चुनावी महीनों में यह देखना अहम होगा कि कांग्रेस इस असहजता को कैसे संबोधित करती है।