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US‑China आयोग 2026 की पहली सुनवाई में भारत की इंडो‑पैसिफिक भूमिका पर करेगा गहन समीक्षा

International   •   👁 20 views   •   30 Jan 2026
US‑China आयोग 2026 की पहली सुनवाई में भारत की इंडो‑पैसिफिक भूमिका पर करेगा गहन समीक्षा
वाशिंगटन: US‑China Economic and Security Review Commission (यूएस‑चीन आर्थिक और सुरक्षा समीक्षा आयोग) 2026 की अपनी पहली सार्वजनिक सुनवाई फरवरी में आयोजित करने जा रहा है, जिसमें भारत की इंडो‑पैसिफिक क्षेत्र में भूमिका और उसकी चीन और अमेरिका के साथ रणनीतिक संबंधों पर विशेष रूप से ध्यान केंद्रित किया जाएगा। सुनवाई 17 फरवरी 2026 को होने की जानकारी अमेरिकी पैनल द्वारा दी गई है।
आयोग की इस सुनवाई का लक्ष्य भू‑राजनीतिक, सैन्य और आर्थिक आयामों को समझना है, जिनका भारत‑चीन और भारत‑अमेरिका के संबंधों पर प्रभाव पड़ता है। इसमें भारत‑चीन सीमा विवाद, हिंद महासागर में समुद्री पहुंच और प्रतिस्पर्धा, तथा भारत की इंडो‑पैसिफिक रणनीतिक भूमिका जैसे मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की जाएगी।
इसके अलावा सुनवाई में भारत‑चीन के व्यापार, निवेश और तकनीकी प्रतिस्पर्धा के पहलुओं की भी समीक्षा होगी। विशेष रूप से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), सेमीकंडक्टर और फार्मा जैसे महत्वपूर्ण तकनीकी क्षेत्रों में भारत की आत्मनिर्भरता और चीन के साथ संबंधों के प्रभावों को भी समझा जाएगा।
सुनवाई संयुक्त राज्य अमेरिका की साझा नीति के प्रयासों को भी परखने का अवसर देगी, जिसमें भारत‑अमेरिका रणनीतिक साझेदारी को कैसे मजबूत किया जा सकता है और नई दिल्ली‑बीजिंग संबंधों का अमेरिकी आर्थिक व सुरक्षा हितों पर क्या प्रभाव होगा, इस पर भी गहन विचार होगा।
यह सुनवाई ऐसे समय हो रही है जब भारत और चीन के बीच कुछ कूटनीतिक बातचीत और आर्थिक कदम हुए हैं, जिनसे दोनों देशों के रिश्तों में धीरे‑धीरे बदलाव दिखाई दे रहे हैं। वहीं, अमेरिका भी इंडो‑पैसिफिक क्षेत्र में चीन की प्रभाव क्षमता को संतुलित करने के लिए भारत की भूमिका को महत्वपूर्ण मानता है।
विश्लेषकों के अनुसार यह सुनवाई वैश्विक शक्ति संतुलन, सीमा सुरक्षा, टेक्नोलॉजी प्रतिस्पर्धा और आर्थिक साझेदारियों जैसे विषयों पर नई दिशाएँ तय कर सकती है। सुनी जाने वाली यह पहली 2026 रिपोर्टिंग‑साइकिल की सार्वजनिक बैठक है और इसके नतीजे आगामी वैश्विक रणनीतिक नीतियों पर असर डाल सकते हैं।