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जेफरी सैक्स का इंटरव्यू: ‘अमेरिका भारत के लिए सब कुछ नहीं है’ — क्यों बोले अमेरिकी अर्थशास्त्री ने ऐसा?

International  •  👁 13 views  •  30 Jan 2026
जेफरी सैक्स का इंटरव्यू: ‘अमेरिका भारत के लिए सब कुछ नहीं है’ — क्यों बोले अमेरिकी अर्थशास्त्री ने ऐसा?
विश्वप्रसिद्ध अमेरिकी अर्थशास्त्री जेफरी सैक्स ने एक बड़े इंटरव्यू में स्पष्ट रूप से कहा है कि “अमेरिका भारत के लिए सब कुछ नहीं है” और भारत को सिर्फ अमेरिका पर भरोसा नहीं करना चाहिए। सैक्स कोलंबिया विश्वविद्यालय के प्रोफेसर हैं और उन्होंने भारत‑अमेरिका संबंधों के बारे में गहरी टिप्पणियाँ की हैं।
सैक्स ने इस बातचीत में कहा कि भारत को अमेरिका के साथ रिश्तों को अपने प्राथमिक आधार के रूप में नहीं देखना चाहिए, खासकर वर्तमान वैश्विक और आर्थिक परिस्थितियों में। उनका मानना है कि अमेरिका की नीति और व्यापारिक रुख हमेशा भारत के हित में नहीं रहेगा, और अमेरिका के समर्थन पर पूरी तरह निर्भर रहना भारत के दीर्घकालिक हितों के खिलाफ हो सकता है।
सैक्स ने यह भी सुझाव दिया कि भारत को ब्रिक्‍स (BRICS) जैसे बहुध्रुवीय साझेदारों के साथ सहयोग बढ़ाना चाहिए और अपनी स्वतंत्र विदेश नीति को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अमेरिका‑भारत “रणनीतिक साझेदारी” को बहुत अधिक महत्व देना उचित नहीं है और भारत को एक मल्टीपोलर विश्व व्यवस्था की ओर बढ़ना चाहिए जिसमें रूस, चीन, अफ्रीका और अन्य क्षेत्रों के साथ संतुलित संबंध हों।
विशेष रूप से, सैक्स ने अमेरिका पर विश्व व्यापार और संरक्षणवाद को प्राथमिकता देने का आरोप लगाया, जिसमें उसने भारत पर भारी टैरिफ लगाए हैं, जो दोनों देशों के बीच व्यापारिक रिश्तों को तनावपूर्ण बनाते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे कदम से साफ़ होता है कि अमेरिका हमेशा भारत के साथ एक स्थायी, विश्वसनीय साझेदारी नहीं निभाएगा।
उनके अनुसार, भारत को न केवल अमेरिका बल्कि चीन, रूस और अन्य वैश्विक साझेदारों के साथ भी मजबूत आर्थिक और राजनीतिक रिश्ते बनाए रखने चाहिए। इससे भारत को एक सुदृढ़, स्वतंत्र और सुरक्षा‑सक्षम वैश्विक स्थिति मिल सकेगी।
सैक्स की यह राय भारत‑अमेरिका संबंधों के भविष्य पर एक महत्वपूर्ण बहस को जन्म देती है और सुझाव देती है कि भारत को वैश्विक साझेदारियों में विविधता और संतुलन पर ज़ोर देना चाहिए।