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केंद्रीय बजट 2026: प्राइमरी हेल्थकेयर को ज़्यादा फंड क्यों मिलना चाहिए

Politics  •  👁 11 views  •  30 Jan 2026
केंद्रीय बजट 2026: प्राइमरी हेल्थकेयर को ज़्यादा फंड क्यों मिलना चाहिए
केंद्रीय बजट 2026 तैयार होने के साथ ही स्वास्थ्य क्षेत्र में निवेश को लेकर चर्चा तेज हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि प्राइमरी हेल्थकेयर (मूलभूत स्वास्थ्य सेवाओं) को अधिक फंड देना आवश्यक है, क्योंकि यह सिर्फ बीमारी का इलाज नहीं, बल्कि पूरे समाज की स्वास्थ्य संरचना को मजबूत करने का आधार है।
भारत में सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था में प्राइमरी हेल्थकेयर केंद्र (PHC) ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में पहले संपर्क का बिंदु होते हैं। ये केंद्र टीकाकरण, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण, प्राथमिक उपचार और रोग रोकथाम जैसी सेवाओं के लिए जिम्मेदार हैं। अगर इनकी गुणवत्ता और पहुंच बढ़ाई जाए, तो बड़े अस्पतालों पर दबाव कम होगा और रोगियों को समय पर इलाज मिलेगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि बजट में प्राइमरी हेल्थकेयर को ज्यादा फंड देने से रोगों की रोकथाम, स्वास्थ्य शिक्षा और कम लागत वाली चिकित्सा सेवाओं को बढ़ावा मिलेगा। इससे लंबी अवधि में हॉस्पिटलाइजेशन खर्च और रोगग्रस्तता दर घटेगी। उदाहरण के लिए, ग्रामीण इलाकों में कैंसर, मधुमेह और हृदय रोग जैसे जीवनशैली संबंधी रोग बढ़ रहे हैं। अगर प्राथमिक स्तर पर निगरानी और जागरूकता बढ़ाई जाए, तो इनका इलाज समय रहते संभव हो सकता है।
इसके अलावा, विशेषज्ञों का कहना है कि प्राइमरी हेल्थकेयर फंडिंग स्वास्थ्य कर्मचारी प्रशिक्षण, डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड्स, लैब सुविधाओं और मोबाइल स्वास्थ्य सेवाओं पर खर्च की जानी चाहिए। यह न केवल स्वास्थ्य तक पहुंच बढ़ाएगा, बल्कि सामाजिक असमानताओं को भी कम करने में मदद करेगा।
निष्कर्ष:
केंद्रीय बजट 2026 में प्राइमरी हेल्थकेयर को पर्याप्त वित्तीय समर्थन देना स्वास्थ्य सुरक्षा, सामाजिक न्याय और आर्थिक स्थिरता के लिए जरूरी है। कम निवेश से बड़ी बीमारियों और स्वास्थ्य संकट का खतरा बढ़ सकता है, जबकि समय पर और पर्याप्त फंडिंग लंबे समय में स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत बनाएगी।