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“जिस आदमी ने मुझे हराने की कोशिश की, लेकिन मुझसे कभी नफ़रत नहीं की” — अजित पवार पर विजय शिवतारे का बड़ा बयान

Politics  •  👁 8 views  •  30 Jan 2026
“जिस आदमी ने मुझे हराने की कोशिश की, लेकिन मुझसे कभी नफ़रत नहीं की” — अजित पवार पर विजय शिवतारे का बड़ा बयान
महाराष्ट्र की राजनीति में अपने बेबाक बयानों के लिए पहचाने जाने वाले विजय शिवतारे एक बार फिर चर्चा में हैं। इस बार उन्होंने उपमुख्यमंत्री अजित पवार को लेकर ऐसा बयान दिया है, जिसने राजनीतिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है। विजय शिवतारे ने कहा कि अजित पवार ने राजनीतिक तौर पर उन्हें हराने की कोशिश ज़रूर की, लेकिन उनके बीच कभी व्यक्तिगत नफ़रत नहीं रही।
विजय शिवतारे ने एक कार्यक्रम के दौरान कहा, “राजनीति में मुकाबला होता है, रणनीति होती है। अजित पवार ने मुझे चुनाव में हराने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने कभी मेरे खिलाफ ज़हर नहीं उगला। यही बड़ा नेता होने की पहचान है।” उनके इस बयान को राजनीतिक शालीनता और परिपक्वता के उदाहरण के रूप में देखा जा रहा है।
शिवतारे ने यह भी स्पष्ट किया कि वैचारिक मतभेद राजनीति का हिस्सा हैं, लेकिन व्यक्तिगत रिश्तों में कटुता नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अजित पवार एक कड़े लेकिन व्यावहारिक नेता हैं, जो विरोधियों को भी सम्मान देना जानते हैं। यही वजह है कि राजनीतिक मतभेदों के बावजूद उनके प्रति मन में कोई द्वेष नहीं है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विजय शिवतारे का यह बयान आने वाले समय में बदलते राजनीतिक समीकरणों की ओर इशारा करता है। महाराष्ट्र की राजनीति में जहां आरोप-प्रत्यारोप आम बात है, वहीं इस तरह के बयान एक सकारात्मक संदेश देते हैं।
विजय शिवतारे का यह भी कहना था कि जनता के मुद्दे राजनीति से ऊपर हैं और नेताओं को व्यक्तिगत अहंकार से बाहर निकलकर काम करना चाहिए। उन्होंने संकेत दिए कि अगर नीतियां और निर्णय जनता के हित में हों, तो समर्थन या विरोध राजनीति से नहीं, सिद्धांतों से तय होना चाहिए।
निष्कर्ष:
अजित पवार पर विजय शिवतारे का यह बयान बताता है कि राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता और व्यक्तिगत सम्मान एक साथ चल सकते हैं। मौजूदा दौर की आक्रामक राजनीति में यह सोच न सिर्फ दुर्लभ है, बल्कि लोकतंत्र के लिए भी ज़रूरी मानी जा रही है।