The Current Scenario
--:--:-- | Loading...
🔴 हिलसा में महाशिवरात्रि को लेकर ब्रह्माकुमारी बहनों की भव्य चैतन्य शोभायात्रा, नगर हुआ भक्तिमय     🔴 खौफनाक वारदात: पत्नी की हत्या कर खेत में दफनाया शव, ऊपर बो दी गेहूं की फसल; दो महीने बाद खुला राज     🔴 पूर्व केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे पहुँचे स्वामी विवेकानंद अवार्ड सेरेमनी में     🔴 बाँका में DM और SP ने किया EVM/VVPAT वेयर हाउस का औचक निरीक्षण, सुरक्षा व्यवस्था की हुई गहन समीक्षा     🔴 लखीसराय पुलिस ने जारी किया पोस्टर, 14 वर्षीय किशोरी नेहा कुमारी लापता     🔴 मद्य निषेध के तहत बड़ी कार्रवाई, 69 लीटर अवैध शराब बरामद     🔴 दरभंगा में 6 साल की मासूम से दरिंदगी, इलाके में आक्रोश—आरोपी को कड़ी सजा की मांग     🔴 एकरससराय स्थित प्रसिद्ध आंगारी धाम की धर्मशाला जर्जर, हादसे का खतरा बढ़ा     🔴 अहमदाबाद के सेवेंथ डे एडवेंटिस्ट स्कूल में लगातार घटनाएँ, अभिभावकों में गहरी चिंता     🔴 खुदागंज थाना पहुंचा भटकता मिला 8 वर्षीय बालक, स्थानीय लोगों की मदद से पुलिस कर रही पहचान की कोशिश    
accident Airlines Animals Business Crime Economy Education Entertainment Environment Festival Health Inspection International law Local National Nature Politics Research social Social media Sports Technology walfare Weather

ममता का मोदी पर हमला तेज़: टीएमसी के ‘उदय’ केंद्र से औद्योगिक विकास‑खेती संतुलन पर जोर

Politics  •  👁 9 views  •  29 Jan 2026
ममता का मोदी पर हमला तेज़: टीएमसी के ‘उदय’ केंद्र से औद्योगिक विकास‑खेती संतुलन पर जोर
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने टीएमसी के राजनीतिक केंद्र से केंद्र सरकार पर मोदी को निशाना बनाते हुए हमला तेज़ किया और साथ ही राज्य में औद्योगिक विकास और कृषि के बीच संतुलन बनाए रखने का संदेश दिया। यह टिप्पणी उन्होंने सिंगूर में बड़े स्तर पर आयोजित जनसभा और विकास परियोजनाओं के शुभारंभ अवसर पर कही। 
ममता ने कहा कि वह औद्योगिक विकास को बढ़ावा देंगी, लेकिन “खेती को नुकसान पहुँचाए बिना” यह सब होगा। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि उद्योग और कृषि दोनों एक साथ फलेंगे‑फूलेंगे, ताकि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी बनें और कृषक समुदाय की सुरक्षा भी बनी रहे। इसी के तहत सिंगूर में एग्रो‑इंडस्ट्रियल पार्क तथा निजी औद्योगिक पार्क जैसे परियोजनाओं के उद्घाटन की घोषणा भी हुई, जिनसे हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा। 
राजनीतिक रूप से यह भाषण महत्वपूर्ण इसलिए भी रहा क्योंकि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सिंगूर और बंगाल को लेकर किए गए आरोपों के कुछ समय बाद आया है। मोदी ने टीएमसी सरकार को कई राजनीतिक मंचों पर निशाना बनाया है और बंगाल में “महाजंगलराज” जैसे आरोप लगाए हैं। 
ममता ने अपने संबोधन में यह भी संकेत दिया कि केंद्र द्वारा बंगाल को विभिन्न योजनाओं के लिए फंड जारी नहीं करने और संसाधनों को रोकने की नीति को वह गंभीरता से लेती हैं। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने केंद्र से बाधाओं के बावजूद ही विकास और कल्याण योजनाओं को आगे बढ़ाया है। 
टीएमसी नेता का यह रुख आगामी 2026 विधानसभा चुनावों के मद्देनज़र भी मायने रखता है, जहां उन्होंने केंद्र सरकार की नीतियों और बंगाल के विकास एजेंडे पर तेज़ी से सवाल उठाए हैं। ममता की इस ठोस नीति‑भाषण से लगता है कि वह अपने राजनीतिक एजेंडे में औद्योगिक विकास के साथ किसानों की रक्षा और संतुलन को एक महत्वपूर्ण मुद्दा बनाना चाहती हैं।