The Current Scenario
--:--:-- | Loading...
🔴 हिलसा में महाशिवरात्रि को लेकर ब्रह्माकुमारी बहनों की भव्य चैतन्य शोभायात्रा, नगर हुआ भक्तिमय     🔴 खौफनाक वारदात: पत्नी की हत्या कर खेत में दफनाया शव, ऊपर बो दी गेहूं की फसल; दो महीने बाद खुला राज     🔴 पूर्व केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे पहुँचे स्वामी विवेकानंद अवार्ड सेरेमनी में     🔴 बाँका में DM और SP ने किया EVM/VVPAT वेयर हाउस का औचक निरीक्षण, सुरक्षा व्यवस्था की हुई गहन समीक्षा     🔴 लखीसराय पुलिस ने जारी किया पोस्टर, 14 वर्षीय किशोरी नेहा कुमारी लापता     🔴 मद्य निषेध के तहत बड़ी कार्रवाई, 69 लीटर अवैध शराब बरामद     🔴 दरभंगा में 6 साल की मासूम से दरिंदगी, इलाके में आक्रोश—आरोपी को कड़ी सजा की मांग     🔴 एकरससराय स्थित प्रसिद्ध आंगारी धाम की धर्मशाला जर्जर, हादसे का खतरा बढ़ा     🔴 अहमदाबाद के सेवेंथ डे एडवेंटिस्ट स्कूल में लगातार घटनाएँ, अभिभावकों में गहरी चिंता     🔴 खुदागंज थाना पहुंचा भटकता मिला 8 वर्षीय बालक, स्थानीय लोगों की मदद से पुलिस कर रही पहचान की कोशिश    
accident Airlines Animals Business Crime Economy Education Entertainment Environment Festival Health Inspection International law Local National Nature Politics Research social Social media Sports Technology walfare Weather

ट्रेन में रीडिंग लाइट से खेलते बच्चों का वायरल वीडियो, नागरिक जिम्मेदारी की कमी पर लोगों में गुस्सा

Local  •  👁 13 views  •  29 Jan 2026
ट्रेन में रीडिंग लाइट से खेलते बच्चों का वायरल वीडियो, नागरिक जिम्मेदारी की कमी पर लोगों में गुस्सा
सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें कुछ बच्चे ट्रेन की रीडिंग लाइट से खेलते हुए दिखाई दे रहे हैं। वीडियो को देखने के बाद कई लोग नागरिक जिम्मेदारी और सार्वजनिक अनुशासन की कमी पर नाराज़गी व्यक्त कर रहे हैं।
वीडियो में दिखाई दे रहा है कि बच्चे ट्रेन की बर्थ लाइट को ऑन-ऑफ करते हुए खेल रहे हैं, जिससे अन्य यात्रियों को असुविधा और संभावित सुरक्षा खतरा हो सकता है। कई नेटिज़न्स ने वीडियो पर कमेंट किया और कहा, “इन्हें जल्दी सिखाना चाहिए कि पब्लिक प्रॉपर्टी और नियमों का सम्मान करना जरूरी है।”
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि ट्रेन की रीडिंग लाइट सुरक्षा और सुविधा के लिए लगी होती है, और इससे छेड़छाड़ करना नियमों के खिलाफ है। उन्होंने यात्रियों से अपील की कि इस तरह की गतिविधियों पर नजर रखें और तुरंत ट्रेन स्टाफ को सूचित करें।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह केवल बच्चों का खेल नहीं है, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी और सार्वजनिक व्यवहार की शिक्षा का एक संकेत है। परिवार और अभिभावकों का दायित्व है कि वे बच्चों को सार्वजनिक नियमों और अनुशासन का महत्व समझाएं।
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल उठाया है कि सार्वजनिक स्थानों में अनुशासन और नागरिक चेतना कैसे बढ़ाई जा सकती है। सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद वीडियो ने चर्चा और जागरूकता दोनों पैदा की हैं।
यात्रियों और नेटिज़न्स ने यह भी सुझाव दिया कि रेलवे स्टाफ को बच्चों और अभिभावकों को नियम समझाने के लिए विशेष निर्देश और निगरानी बढ़ानी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएँ कम हों।