The Current Scenario
--:--:-- | Loading...
🔴 हिलसा में महाशिवरात्रि को लेकर ब्रह्माकुमारी बहनों की भव्य चैतन्य शोभायात्रा, नगर हुआ भक्तिमय     🔴 खौफनाक वारदात: पत्नी की हत्या कर खेत में दफनाया शव, ऊपर बो दी गेहूं की फसल; दो महीने बाद खुला राज     🔴 पूर्व केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे पहुँचे स्वामी विवेकानंद अवार्ड सेरेमनी में     🔴 बाँका में DM और SP ने किया EVM/VVPAT वेयर हाउस का औचक निरीक्षण, सुरक्षा व्यवस्था की हुई गहन समीक्षा     🔴 लखीसराय पुलिस ने जारी किया पोस्टर, 14 वर्षीय किशोरी नेहा कुमारी लापता     🔴 मद्य निषेध के तहत बड़ी कार्रवाई, 69 लीटर अवैध शराब बरामद     🔴 दरभंगा में 6 साल की मासूम से दरिंदगी, इलाके में आक्रोश—आरोपी को कड़ी सजा की मांग     🔴 एकरससराय स्थित प्रसिद्ध आंगारी धाम की धर्मशाला जर्जर, हादसे का खतरा बढ़ा     🔴 अहमदाबाद के सेवेंथ डे एडवेंटिस्ट स्कूल में लगातार घटनाएँ, अभिभावकों में गहरी चिंता     🔴 खुदागंज थाना पहुंचा भटकता मिला 8 वर्षीय बालक, स्थानीय लोगों की मदद से पुलिस कर रही पहचान की कोशिश    
accident Airlines Animals Business Crime Economy Education Entertainment Environment Festival Health Inspection International law Local National Nature Politics Research social Social media Sports Technology walfare Weather

कांग्रेस ने PM मोदी की टिप्पणियों को बताया ‘पाखंड से भरा संदेश’, बजट सत्र से पहले राजनीतिक बहस तेज

Politics  •  👁 8 views  •  29 Jan 2026
कांग्रेस ने PM मोदी की टिप्पणियों को बताया ‘पाखंड से भरा संदेश’, बजट सत्र से पहले राजनीतिक बहस तेज
बजट सत्र के दूसरे दिन की शुरुआत से पहले कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया टिप्पणियों की तीखी आलोचना की है। पार्टी ने कहा कि पीएम के बयान “देश को पाखंड से भरा संदेश” दे रहे हैं और इससे जनता में भ्रम और असंतोष पैदा हो सकता है। कांग्रेस का आरोप है कि यह राजनीतिक बयानबाजी संवेदनशील आर्थिक और सामाजिक मुद्दों को नजरअंदाज करती है।
सूत्रों के अनुसार, पीएम मोदी के हालिया भाषण में सरकारी योजनाओं और उपलब्धियों को लेकर किए गए दावों पर कांग्रेस ने सवाल उठाए। पार्टी ने इसे चुनावी माहौल तैयार करने और वास्तविक समस्याओं से ध्यान भटकाने वाला कदम बताया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि बजट सत्र जैसे संवेदनशील समय में ऐसे बयान देश और अर्थव्यवस्था के लिए सही नहीं हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि बजट सत्र से पहले राजनीतिक बयानबाजी आम बात है, लेकिन जब इसे सार्वजनिक वित्तीय और नीति-निर्धारण के समय जोड़ा जाता है, तो इसका असर न केवल संसद की कार्यवाही पर बल्कि आम जनता की धारणा पर भी पड़ता है। कांग्रेस का कहना है कि सरकार को वास्तविक आर्थिक और सामाजिक मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए, बजट सत्र के माध्यम से नीतिगत सुधार और गरीब और मध्यम वर्ग की समस्याओं का समाधान प्रस्तुत करना चाहिए।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, पीएम मोदी और कांग्रेस के बीच यह टकराव संसद में गर्म बहस का कारण बन सकता है। बजट सत्र के दौरान वित्तीय नीतियों, महंगाई, रोजगार और सामाजिक कल्याण योजनाओं पर चर्चा अपेक्षित है, ऐसे में विपक्ष की आलोचना सरकार के प्रस्तावों पर दबाव डालने का माध्यम बन सकती है।
कुल मिलाकर, कांग्रेस की यह प्रतिक्रिया बजट सत्र से पहले राजनीतिक तापमान को और बढ़ा सकती है। दोनों पक्षों की बातचीत और बहस देश में लोकतांत्रिक प्रक्रिया और जिम्मेदार नीति निर्माण के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।