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टेक्सास में कथित H-1B वीज़ा दुरुपयोग की जांच के आदेश, ‘घोस्ट ऑफिस’ भी जांच के दायरे में

International  •  👁 7 views  •  29 Jan 2026
टेक्सास में कथित H-1B वीज़ा दुरुपयोग की जांच के आदेश, ‘घोस्ट ऑफिस’ भी जांच के दायरे में
अमेरिका के टेक्सास राज्य ने कथित H-1B वीज़ा दुरुपयोग को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए औपचारिक जांच के आदेश दिए हैं। इस जांच के दायरे में तथाकथित “घोस्ट ऑफिस” भी शामिल हैं—ऐसी कंपनियां या पते, जो कागज़ों पर तो मौजूद हैं लेकिन वास्तविक रूप से वहां कोई व्यावसायिक गतिविधि नहीं चल रही होती। अधिकारियों का कहना है कि इनका इस्तेमाल H-1B वीज़ा नियमों से बचने और फर्जी नियुक्तियां दिखाने के लिए किया जा सकता है।
राज्य प्रशासन के अनुसार, शिकायतें मिली थीं कि कुछ नियोक्ता remembered वर्क लोकेशन और जॉब रोल्स के बारे में गलत जानकारी देकर विदेशी कामगारों के लिए वीज़ा हासिल कर रहे हैं। जांच का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि H-1B वीज़ा कार्यक्रम का इस्तेमाल केवल उन्हीं मामलों में हो, जिनके लिए इसे बनाया गया है—यानी वास्तविक, उच्च-कौशल वाली नौकरियों के लिए।
इस कदम का असर खास तौर पर टेक और आईटी सेक्टर पर पड़ सकता है, जहां H-1B वीज़ा का बड़े पैमाने पर उपयोग होता है। जांच एजेंसियां कंपनी रजिस्ट्रेशन, कार्यालय के पते, कर्मचारी उपस्थिति और पेरोल रिकॉर्ड्स की पड़ताल करेंगी। यदि किसी इकाई को नियमों का उल्लंघन करते पाया गया, तो उस पर जुर्माना, वीज़ा प्रतिबंध और कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कार्रवाई उन कंपनियों के लिए चेतावनी है जो वीज़ा नियमों में ढील का फायदा उठाने की कोशिश करती हैं। साथ ही, नियमों का पालन करने वाली वैध कंपनियों के लिए यह एक सकारात्मक संकेत है, क्योंकि इससे सिस्टम की विश्वसनीयता बढ़ेगी।
भारतीय पेशेवरों सहित H-1B वीज़ा धारकों के लिए यह खबर अहम है। जानकारों की सलाह है कि कर्मचारी अपने नियोक्ता की वैधता, वास्तविक कार्यस्थल और जॉब रोल की स्पष्ट जानकारी रखें। कुल मिलाकर, टेक्सास की यह पहल अमेरिका में इमिग्रेशन नियमों के सख्त अनुपालन और पारदर्शिता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।