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वेनेजुएला में कार्रवाई: क्या यह फुकुयामा के ‘इतिहास के अंत’ की याद दिलाती है?

International  •  👁 5 views  •  29 Jan 2026
वेनेजुएला में कार्रवाई: क्या यह फुकुयामा के ‘इतिहास के अंत’ की याद दिलाती है?
हाल ही में वेनेजुएला में हुई हमारी कार्रवाई ने वैश्विक राजनीति में एक नई बहस छेड़ दी है। विशेषज्ञ इसे फ्रांसिस फुकुयामा के मशहूर विचार ‘इतिहास का अंत’ (End of History) से जोड़कर देख रहे हैं। फुकुयामा का यह सिद्धांत बताता है कि लोकतंत्र और पूंजीवाद ने इतिहास में अंतिम रूप ले लिया है, और अब बड़े-संवैधानिक संघर्ष खत्म हो गए हैं। लेकिन वेनेजुएला में हाल की घटनाओं ने यह सवाल फिर से उठाया है कि क्या इतिहास वास्तव में खत्म हो गया है या सत्ता संघर्ष लगातार जारी रहेगा।
वेनेजुएला में राजनीतिक और आर्थिक संकट वर्षों से जारी है। हाल की कार्रवाई ने दिखाया कि वैश्विक शक्ति संतुलन और राष्ट्रीय हितों की राजनीति अभी भी निर्णायक भूमिका निभा रही है। कुछ विश्लेषक मानते हैं कि यह घटना फुकुयामा के विचारों के विपरीत है, क्योंकि यहां लोकतंत्र और मानवाधिकारों के संरक्षण की चुनौतियां लगातार सामने आ रही हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि वेनेजुएला जैसी परिस्थितियों में अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेप और कूटनीतिक दबाव यह दर्शाते हैं कि राजनीति का इतिहास अभी खत्म नहीं हुआ है। बड़े निर्णय, सैन्य कार्रवाई और आर्थिक नीतियां दुनिया के लोकतांत्रिक ढांचे को प्रभावित करती रहती हैं।
इससे यह साफ है कि फुकुयामा का सिद्धांत पूरी तरह सही नहीं बैठता। इतिहास न केवल जारी है, बल्कि नए स्वरूप और संघर्षों के साथ लगातार विकसित हो रहा है। वेनेजुएला में हाल की कार्रवाई ने यह याद दिलाया कि वैश्विक राजनीति में शक्ति, रणनीति और नैतिकता का संतुलन अभी भी अस्थिर है।
फिलहाल, दुनिया भर के राजनीतिक विश्लेषक इस घटना की गहराई से समीक्षा कर रहे हैं और यह अनुमान लगा रहे हैं कि आने वाले समय में वैश्विक शक्ति संतुलन और लोकतांत्रिक आदर्शों पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा।