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हिंदी शीर्षक: “वित्त मंत्री को टेक्सटाइल व्यापारियों की मांग: ‘सूरत में टेक्सटाइल यूनिवर्सिटी, R&D के लिए फंड’”

Politics  •  👁 9 views  •  28 Jan 2026
हिंदी शीर्षक: “वित्त मंत्री को टेक्सटाइल व्यापारियों की मांग: ‘सूरत में टेक्सटाइल यूनिवर्सिटी, R&D के लिए फंड’”
सूरत‑आधारित टेक्सटाइल व्यापारियों की शीर्ष संस्था ने आगामी संघीय बजट 2026‑27 से पहले अपनी मांगों की सूची केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को सौंप दी है। यह अनुरोध बजट से पहले पेश सुझावों का हिस्सा है ताकि उद्योग की मुख्य जरूरतों को सरकार के समक्ष रखा जा सके।
आयोग ने अपने पत्र में सबसे प्रमुख तौर पर सूरत में एक विशेष टेक्सटाइल यूनिवर्सिटी की स्थापना की मांग की है। व्यापारियों का मानना है कि एक उच्च शिक्षण संस्थान युवाओं को वैश्विक स्तर की टेक्सटाइल तकनीक, नवाचार और डिजाइनिंग में प्रशिक्षित करेगा, जिससे उद्योग की प्रतिस्पर्धा क्षमता बढ़ेगी और उसमें गुणवत्ता तथा शोध‑आधारित विकास को बल मिलेगा। इससे सूरत जैसे टेक्सटाइल हब से उच्च गुणवत्ता वाले शोध और उत्पाद दुनिया भर में बेचे जा सकेंगे।
साथ ही, उन्होंने R&D (अनुसंधान एवं विकास) गतिविधियों के लिए केंद्र सरकार से अलग बजटीय आवंटन की भी मांग की है। प्रदेश में फैब्रिक डिज़ाइन, निर्माण तकनीक और नई तकनीकी अपनाने के क्षेत्र में इन्वेस्टमेंट को बढ़ावा देने के लिए उनके अनुसार गोल‑मूल्य योजनाओं और फंड की आवश्यकता है।
इन मुख्य मांगों के अलावा व्यापारियों ने एमएसएमई पोर्टल्स में संशोधन, इनकम टैक्स नियमों को सरल बनाना, और जीएसटी ढांचे में सुधार की भी अपील की है। उनका कहना है कि वर्तमान में कुछ नियम और टैक्स की जटिलताएँ नई कंपनियों तथा छोटे व्यापारियों के लिए बाधा बन रही हैं और उद्योग को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा में कठिनाई हो रही है।
टेक्सटाइल व्यापार सूरत की अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जहां प्रतिदिन करोड़ों मीटर फैब्रिक तैयार होता है और लाखों लोग इस क्षेत्र से जुड़े हुए हैं। इसलिए व्यापारियों को उम्मीद है कि बजट में इनके सुझावों को स्थान मिलेगा और उद्योग की वृद्धि को एक नई दिशा मिलेगी।