The Current Scenario
--:--:-- | Loading...
🔴 हिलसा में महाशिवरात्रि को लेकर ब्रह्माकुमारी बहनों की भव्य चैतन्य शोभायात्रा, नगर हुआ भक्तिमय     🔴 खौफनाक वारदात: पत्नी की हत्या कर खेत में दफनाया शव, ऊपर बो दी गेहूं की फसल; दो महीने बाद खुला राज     🔴 पूर्व केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे पहुँचे स्वामी विवेकानंद अवार्ड सेरेमनी में     🔴 बाँका में DM और SP ने किया EVM/VVPAT वेयर हाउस का औचक निरीक्षण, सुरक्षा व्यवस्था की हुई गहन समीक्षा     🔴 लखीसराय पुलिस ने जारी किया पोस्टर, 14 वर्षीय किशोरी नेहा कुमारी लापता     🔴 मद्य निषेध के तहत बड़ी कार्रवाई, 69 लीटर अवैध शराब बरामद     🔴 दरभंगा में 6 साल की मासूम से दरिंदगी, इलाके में आक्रोश—आरोपी को कड़ी सजा की मांग     🔴 एकरससराय स्थित प्रसिद्ध आंगारी धाम की धर्मशाला जर्जर, हादसे का खतरा बढ़ा     🔴 अहमदाबाद के सेवेंथ डे एडवेंटिस्ट स्कूल में लगातार घटनाएँ, अभिभावकों में गहरी चिंता     🔴 खुदागंज थाना पहुंचा भटकता मिला 8 वर्षीय बालक, स्थानीय लोगों की मदद से पुलिस कर रही पहचान की कोशिश    
accident Airlines Animals Business Crime Economy Education Entertainment Environment Festival Health Inspection International law Local National Nature Politics Research social Social media Sports Technology walfare Weather

ट्रंप का ईरान को कड़ा संदेश: "अगला हमला और भी बुरा होगा", न्यूक्लियर डील की मांग

International  •  👁 9 views  •  28 Jan 2026
 ट्रंप का ईरान को कड़ा संदेश: "अगला हमला और भी बुरा होगा", न्यूक्लियर डील की मांग
वाशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी है कि यदि वह परमाणु समझौते (न्यूक्लियर डील) पर तुरंत बातचीत नहीं करता, तो अगला अमेरिकी सैन्य हमला पहले से भी ज्यादा विनाशकारी होगा। ट्रंप ने यह बयान 28 जनवरी, 2026 को सोशल मीडिया पर साझा किया। उन्होंने ईरान को चेतावनी दी कि परमाणु हथियारों के कार्यक्रम को रोकना अब और अधिक जरूरी हो गया है।
ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी नौसेना और वायु सेना पहले से ज्यादा तैयार और सशक्त हैं, और यदि ईरान डील पर नहीं आता है तो अमेरिका को मजबूर होकर सैन्य कार्रवाई करनी पड़ेगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह समझौता “संतुलित और न्यायसंगत” होना चाहिए, ताकि क्षेत्रीय सुरक्षा बनी रहे और कोई परमाणु हथियार विकसित न कर सके।
विश्लेषकों का कहना है कि ट्रंप का यह रुख मध्य पूर्व में तनाव को और बढ़ा सकता है, क्योंकि ईरान ने पहले ही कहा है कि धमकियों के माहौल में वह बातचीत नहीं करेगा। हालांकि, तुर्की ने अमेरिका से विवादों को क्रमबद्ध तरीके से सुलझाने की सलाह दी है, जिससे क्षेत्रीय संघर्ष की संभावना कम हो सके।
यह खबर राजनीतिक-सैन्य और अंतरराष्ट्रीय संबंधों के लिए महत्वपूर्ण है। यदि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत विफल रहती है, तो इससे मध्य पूर्व में अस्थिरता और बड़े सैन्य संघर्ष की आशंका है। ट्रंप की यह चेतावनी वैश्विक सुरक्षा, तेल आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति पर भी असर डाल सकती है।