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समुद्री प्रदूषण के खिलाफ वैश्विक लड़ाई में भारत की सक्रिय भूमिका

International  •  👁 8 views  •  28 Jan 2026
समुद्री प्रदूषण के खिलाफ वैश्विक लड़ाई में भारत की सक्रिय भूमिका
नई दिल्ली: समुद्री प्रदूषण और समुद्रों में प्लास्टिक व रसायनों के बढ़ते स्तर को रोकने के लिए भारत ने वैश्विक मंच पर अपनी सक्रिय भूमिका निभाना शुरू कर दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि भारत का यह कदम न केवल राष्ट्रीय हितों के लिए जरूरी है, बल्कि वैश्विक समुद्री पारिस्थितिकी संरक्षण में भी अहम योगदान है।
भारत सरकार ने समुद्र और तटीय क्षेत्रों में प्रदूषण को कम करने के लिए कई नीतियां और पहल शुरू की हैं। इनमें समुद्री कचरा प्रबंधन, प्लास्टिक उपयोग में कमी और तटीय क्षेत्रों की सफाई अभियान शामिल हैं। इसके साथ ही भारत ने अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में सामुद्रिक प्रदूषण को रोकने और सतत समुद्री विकास के लिए अपने कदमों को साझा किया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि समुद्रों में प्रदूषण केवल पर्यावरणीय खतरा नहीं है, बल्कि यह समुद्री जीवन, मत्स्य उद्योग और वैश्विक खाद्य सुरक्षा को भी प्रभावित करता है। भारत ने इस चुनौती को पहचानते हुए स्मार्ट और टिकाऊ समाधान अपनाए हैं, जैसे कि समुद्री कचरा निगरानी सिस्टम और समुद्री कचरा रिसाइक्लिंग प्रोग्राम।
भारत की पहलें यह दिखाती हैं कि देश वैश्विक स्तर पर पर्यावरणीय जिम्मेदारी निभाने और अन्य देशों के साथ सहयोग करने के लिए तैयार है। इसके अलावा, समुद्री प्रदूषण पर भारत का फोकस सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) और क्लीन एनर्जी पहलों के साथ भी जुड़ा हुआ है।
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की सक्रिय भूमिका से न केवल राष्ट्रीय समुद्र तटों का संरक्षण होगा, बल्कि यह वैश्विक समुद्री पारिस्थितिकी संतुलन बनाए रखने में भी मदद करेगा।